नयी दिल्ली, 14 फरवरी (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 26 फरवरी से दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन करेगा ताकि घरेलू और वैश्विक बाजारों में भारतीय दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों और चिकित्सा उपकरणों की साख कायम करने के तरीकों का पता लगाया जा सके और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमों को मजबूत किया जा सके। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
कुछ भारतीय दवाओं की गुणवत्ता के बारे में उठे सवालों की पृष्ठभूमि में ‘‘दवा: गुणवत्ता नियमन और प्रवर्तन’’ पर चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। पिछले दिनों ‘ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर’ द्वारा अमेरिका में दृष्टि हानि के कारण ‘आई ड्रॉप’ की समूची खेप को वापस लेने और गाम्बिया तथा उज्बेकिस्तान में खांसी की सिरप से बच्चों की मौत के जुड़़ाव के बीच इस शिविर का आयोजन महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों ने कहा कि औषधि विभाग के सहयोग से हैदराबाद में आयोजित होने वाले दो दिवसीय कार्यक्रम में, विशेषज्ञ और अधिकारी दवाओं की गुणवत्ता के नियमन में पारदर्शिता और जवाबदेही की समीक्षा करेंगे। साथ ही वे भारतीय फार्माकोपिया मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे और औषधि सतर्कता के लिए मजबूत नेटवर्क विकसित करेंगे।
इस आयोजन में एक समान और प्रभावी नियमन के लिए डिजिटल उपकरणों की शुरूआत भी की जाएगी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उद्देश्य घरेलू और वैश्विक बाजारों में भारतीय दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों और चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता पर भरोसा और विश्वास पैदा करना है।’’
उन्होंने कहा कि शिविर में ऑनलाइन नेशनल ड्रग लाइसेंसिंग पोर्टल (एनडीएलएस) जैसी सभी नियामक गतिविधियों के लिए एकीकृत आईटी प्लेटफॉर्म के निर्माण पर भी विचार-विमर्श होगा।
भाषा आशीष माधव
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