जम्मू, 13 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर सरकार ने ‘मटन’ (बकरे का मांस) क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने, मांस का उत्पादन बढ़ाने और इसके आयात की लागत को कम करने के मकसद से अगले पांच साल के लिए 329 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
इस परियोजना का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में मांस क्षेत्र में 122 उद्यम स्थापित करने के अलावा 6,000 रोजगार सृजित करना है।
कृषि उत्पादन विभाग (एपीडी) अतिरिक्त प्रमुख सचिव, अटल डुल्लू ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में विशेष रूप से कश्मीरी व्यंजनों में बड़े पैमाने पर मांस के उपयोग को देखते हुए और मांस आयात को कम करने के लिए, सरकार ने मांस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के मकसद से अगले पांच साल के लिए 329 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी है।’’
डुल्लू ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में मांस क्षेत्र के विकास और सुधार में निवेश न केवल उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात लागत को कम करने के बारे में है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को गुणवत्ता और सुरक्षित मांस प्रदान करने, पारंपरिक किसानों की आजीविका में सुधार करने के अलावा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के संबंध में भी है।”
अधिकारियों ने कहा कि यहां मौजूदा ‘मटन’ उत्पादन न केवल अपर्याप्त मात्रा में है, बल्कि गुणवत्ता में भी कमी है। यह भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अनुरूप नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए जोखिम है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
