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Friday, 6 February, 2026
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मनरेगा मांग आधारित योजना, पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जा रहा है : गिरिराज

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नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि मनरेगा के लिए बजटीय आवंटन की आलोचना करने वालों को यह समझना चाहिए कि मनरेगा मांग आधारित योजना है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने हमेशा इस कार्यक्रम के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया है।

प्रमुख ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना – के लिए बजटीय आवंटन पर आलोचना के बीच सिंह ने कहा कि मोदी सरकार का आवंटन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की तुलना में अधिक है।

सिंह ने राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘आवंटन की आलोचना करने वालों को समझना चाहिए कि आवंटन कम होने से पहले मनरेगा क्या है। वर्ष 2020 में, हमारे पास केवल 62,000 करोड़ रुपये का आवंटन था और खर्च 1,12,000 करोड़ रुपये था। हर साल, मनरेगा बजट (आवंटन) लगभग 70,000 करोड़ रुपये है।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘जो लोग आज मनरेगा के बारे में हल्ला कर रहे हैं, आठ साल में, यूपीए का बजट अनुमान केवल एक बार संशोधित अनुमान से अधिक था। मोदी सरकार के तहत, संशोधित अनुमान हमेशा बजट अनुमान से अधिक रहा है … हम धन का 99 प्रतिशत सीधे बैंक खातों में देते हैं। परिसंपत्ति निर्माण अब 60 प्रतिशत से ऊपर है। मनरेगा के तहत रोजगार प्राप्त करने वाली महिलाओं की संख्या लगभग 57 प्रतिशत है।’’

वित्त वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में इस प्रमुख योजना के लिए आवंटन 60,000 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार ने 73,000 करोड़ रुपए आवंटित किए थे, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक खर्च 89,400 करोड़ रुपए था।

वित्त वर्ष 2021-22 में इस योजना पर 98,467.85 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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