(विशु अधाना)
नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय का 99वां दीक्षांत समारोह कुछ अलग होने जा रहा है, क्योंकि छात्र “पुराने औपनिवेशिक गाउन” के बजाय ‘अंगवस्त्र’ के साथ भारतीय परिधान में नजर आएंगे।
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, विश्वविद्यालय 25 फरवरी को अपना 99वां दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा।
विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विश्वविद्यालय ने “भारतीय संस्कृति से प्रेरित” परिधान अपनाने के लिए गाउन को त्यागने का फैसला किया है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को ड्रेस कोड में बदलाव के बारे में बताया कि छात्रों को ‘अंगवस्त्र’ प्रदान किए जाएंगे और कोई ग्रेजुएशन कैप या गाउन नहीं होगा।
अधिकारियों और मेहमानों के लिए, पोशाक खादी सिल्क से बनेगी, जो भारतीय परंपराओं और संस्कृति को बढ़ावा देने का एक और तरीका है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने कहा, “चोगा (रोब) या गाउन काफी लंबे समय से था। विश्वविद्यालय ने इसे बदलने की जरूरत महसूस की। छात्रों ‘अंगवस्त्र’ और अधिकारी खादी सिल्क से बने परिधान धारण करेंगे, यह अपनी जड़ों की ओर लौटने जैसा है”
हालांकि, छात्रों के लिए भारतीय पोशाक पहनना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन विश्वविद्यालय उनसे कुर्ता और साड़ी जैसे पारंपरिक परिधान चुनने का अनुरोध कर रहा है।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप
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