मुंबई, दो फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के एक सहयोगी कुंदन शिंदे को धन शोधन मामले में जमानत देते हुए एक विशेष अदालत ने यहां कहा कि पूर्व पुलिसकर्मी सचिन वाजे के विसंगति वाले बयानों पर पूरी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा कि मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप से आरोपी शिंदे को जोड़ने के लिए कोई अन्य ठोस सामग्री नहीं है।
धन शोधन मामले में दर्ज मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश आर. एन. रोकड़े ने शिंदे को एक फरवरी को जमानत दे दी थी, जिसका विस्तृत ब्योरा बृहस्पतिवार को उपलब्ध कराया गया।
हालांकि, शिंदे भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में आरोपी होने के कारण अब भी जेल में हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है।
सीबीआई से जुड़े मामले में जमानत देने के उनके अनुरोध पर अदालत शुक्रवार को आदेश जारी कर सकती है।
ईडी के मुताबिक, शिंदे ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अनिल देशमुख की ओर से सचिन वाजे से 4.7 करोड़ रुपये एकत्र करने में अहम भूमिका निभाई और वह इस मामले में एक आरोपी हैं।
ईडी ने आरोप लगाया कि देशमुख के परिवार द्वारा नियंत्रित नागपुर स्थित एक शिक्षा ट्रस्ट ‘श्री साईं शिक्षण संस्थान’ के माध्यम से इस पैसे का धन शोधन किया गया।
वहीं, देशमुख ने दावा किया है कि ईडी का मामला वाजे द्वारा दिए गए दुर्भावनापूर्ण बयानों पर आधारित है।
भाषा संतोष सुभाष
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