मुंबई, एक फरवरी (भाषा) संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश होने के दिन बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में खासा उतार-चढ़ाव देखा गया। बाजार के ऊपरी स्तर पर जाने के बाद मुनाफावसूली हावी होने से दोनों प्रमुख सूचकांक मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 158.18 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,708.08 अंक पर बंद हुआ। बजट भाषण के समय बाजार के उत्साहित होने से सेंसेक्स 1,223.54 अंक तक उछल गया था लेकिन बाद में बिकवाली का सिलसिला चलने से इसने अपनी अधिकांश बढ़त गंवा दी।
इसके उलट एनएसई के सूचकांक निफ्टी में 45.85 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 17,616.30 अंक के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में आईटीसी ने सर्वाधिक 2.61 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक भी लाभ की स्थिति में रहे।
दूसरी तरफ बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 5.65 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बजट में खपत और पूंजीगत व्यय पर खासा जोर दिया गया है। इससे बाजार में उम्मीदों को बल मिला लेकिन अपराह्न कारोबार में निवेशकों का ध्यान अडाणी प्रकरण और फेडरल रिजर्व की बैठक पर चले जाने से उठापटक का दौर शुरू हो गया।’’
नायर ने कहा कि सरकार की तरफ से नई कर प्रणाली को बढ़ावा देने से जीवन बीमा कंपनियों के कर-बचत के लिहाज से कम आकर्षक रह जाने की आशंका में जमकर बिकवाली हुई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धीरज रेली ने बजट को व्यावहारिक बताते हुए कहा कि इसमें कोई बड़ी नकारात्मक घोषणा न होने से बाजार ने अच्छी प्रतिक्रिया दी लेकिन अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की मौद्रिक घोषणा पर टिकेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करते हुए व्यक्तिगत आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने और लघु बचत योजनाओं को प्रोत्साहन देने के साथ ही सरकार के पूंजीगत व्यय को 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
सैमको सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक संजय मूरजानी ने कहा, ‘‘व्यक्तिगत आयकर के मोर्चे पर सरकार की तरफ से दी गई राहतों ने बाजार को खासी तेजी दी। इसके अलावा पूंजीगत लाभकर में कोई छेड़छाड़ नहीं करना भी बाजार को रास आया।’’
हालांकि दोपहर के बाद के कारोबार में अडाणी समूह को लेकर चिंता हावी होने और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आसन्न मौद्रिक घोषणा को लेकर दबाव देखा गया।
इसके असर में व्यापक बाजार में बीएसई स्मॉलकैप 1.10 प्रतिशत गिर गया जबकि मिडकैप में 0.96 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इस बीच, वैश्विक बाजारों में कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान रहने से निवेशकों को बल मिला। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग मजबूती के साथ बंद हुए।
यूरोप के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को लाभ में रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.42 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से निकासी जारी रखी है। शेयर बाजारों के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 5,439.64 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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प्रेम अजय
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