बठिंडा, 26 जनवरी (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को गणतंत्र दिवस परेड से अपने राज्य की झांकी को ‘‘जानबूझकर’’ बाहर करने के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह केंद्र की सत्ता में बैठे लोगों की ‘‘संकुचित मानसिकता’’ का परिचायक है।
मान ने यहां शहीद भगत सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब के साथ यह ‘‘भेदभाव’’ पूरी तरह से ‘‘अनुचित और अवांछनीय’’ है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के योगदान को प्रदर्शित किए बिना कोई भी राष्ट्रीय दिवस मनाना अकल्पनीय है। उन्होंने कहा “आज दिल्ली में हो रही गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में पंजाब की झांकी नहीं है। पंजाब की झांकी क्यों नहीं है?’’
मान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ”यह खराब नीयत का नतीजा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह केंद्र की ‘‘संकुचित मानसिकता’’ का परिचायक है।
इससे पहले बुधवार को मान ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए राज्य की झांकी को शामिल नहीं करने पर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।
एक वीडियो संदेश में मान ने कहा था कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब और पंजाबियों ने 90 प्रतिशत योगदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह हों, उधम सिंह हों, लाला लाजपत राय हों, करतार सिंह सराभा हों, मदन लाल धींगरा हों और देश को आजादी दिलाने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले और जेल जाने वाले हजारों अज्ञात शहीद हों….।’’
मान ने वीडियो संदेश में कहा था, ‘‘इस बार गणतंत्र दिवस के लिए पंजाब की झांकी शामिल नहीं की गई है। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। भाजपा सरकार ने अपनी मानसिकता दिखा दी है…।’’
भाजपा ने बुधवार को मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि आप सरकार की अपनी ही ‘‘गलती’’ के कारण राज्य की झांकी को अयोग्य घोषित किया गया क्योंकि उसने कुछ संशोधन के बाद पुरानी झांकी पेश कर दी थी।
भाषा मनीषा माधव
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