नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के संचालन और मार्गदर्शन के लिए मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में एक अधिकार प्राप्त समूह का गठन करेगी। इस मिशन का मकसद भारत को स्वच्छ ऊर्जा स्रोत का वैश्विक केंद्र बनाना है।
मिशन दस्तावेज के अनुसार समूह में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, नीति आयोग के सीईओ और विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के अलावा वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग और उद्योग के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार जनवरी को 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मिशन को मंजूरी दी थी। इसका लक्ष्य भारत को इस स्वच्छ ऊर्जा स्रोत का वैश्विक केंद्र बनाना और 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 50 लाख टन की उत्पादन क्षमता विकसित करना है। साथ ही 1,25,000 मेगावॉट की संबद्ध नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता भी विकसित की जानी है।
मिशन दस्तावेज में कहा गया है कि हाइड्रोजन मिशन के संचालन और मार्गदर्शन के लिए एक लचीली और परिणाम आधारित व्यवस्था बनाई जाएगी, जिसे पिछले सप्ताह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी थी।
अधिकार प्राप्त समूह मिशन की गतिविधियों की देखरेख करेगा, मार्गदर्शन करेगा, प्रगति की निरंतर निगरानी करेगा, मिशन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की सिफारिश करेगा और यदि जरूरत हुई तो सुधारों को मंजूरी देगा।
भाषा पाण्डेय रमण
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