नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) निखिल चोपड़ा, गुरशरण सिंह और रीमा मल्होत्रा की अगुवाई वाली दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) रणजी ट्रॉफी मैचों में टीम के लचर प्रदर्शन के बाद मुख्य कोच अभय शर्मा को बर्खास्त करने की तैयारी में है।
दिल्ली की टीम के नाम चार मैचों में सिर्फ दो अंक है और उस पर ग्रुप चरण में आखिरी स्थान पर रहने का खतरा मंडरा रहा है। टीम के इस लचर प्रदर्शन से रेलवे के पूर्व कप्तान अभय के फैसले सवालों के घेरे में आ गए हैं और डीडीसीए में कोई भी शीर्ष अधिकारी उनसे खुश नहीं है।
डीडीसीए के एक वरिष्ठ निदेशक ने गोपनीयता की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ चयन समिति को बाहर किये जाने के बाद अभय भी आलोचना से बच नहीं सकते क्योंकि इस तरह की हार के लिए वह भी बराबर के जिम्मेदार हैं। चयनकर्ताओं ने टीम का चयन जरूर किया लेकिन उस टीम में से अंतिम एकादश के चयन में कोच की भूमिका अहम होती है।’’
अभय भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर सरनदीप सिंह को पछाड़ कर दिल्ली के मुख्य कोच बने थे। डीडीसीए में हालांकि कई लोग मानते हैं कि यह एक गलत निर्णय था।
डीडीसीए के मुख्य चयनकर्ता के पद से हटाए जाने से आहत गगन खोड़ा ने शुक्रवार को कहा कि वह मौजूदा रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की हार पर अपना दृष्टिकोण रखने का मौका नहीं मिलने से निराश और हैरान है।
डीडीसीए की क्रिकेट सलाहकार समिति ने अध्यक्ष रोहन जेटली ने खोड़ा को साथी चयनकर्ताओं मयंक सिधाना और अनिल भारद्वाज के साथ बर्खास्त कर दिया था।
इस फैसले से निराश खोड़ा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे वास्तव में डीडीसीए से किसी पैसे की जरूरत नहीं है। मैं एक बाहरी व्यक्ति हूं और मुझे किसी अकादमी या शिविर या दिल्ली में क्रिकेट कैसे चलाया जाता है, यह नहीं पता था। मैं वास्तव में इसमें अंतर लाना चाहता था। लेकिन मुझे चीजों को समझने का मौका नहीं दिया गया।’’
राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य रह चुके खोड़ा ने कहा, ‘‘मुझे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से एक सप्ताह पहले चयनकर्ता बनाया गया। ऐसे में मैं खिलाड़ियों के प्रदर्शन को कैसे परखता?
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