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Thursday, 5 February, 2026
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चालू रबी सत्र में अब तक 332.16 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई

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नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) चालू फसल सत्र 2022-23 में गेहूं की बुवाई का रकबा करीब एक प्रतिशत बढ़कर 332.16 लाख हेक्टेयर हो गया है। शुक्रवार को जारी कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

रबी सत्र (सर्दियों) की मुख्य फसल गेहूं की बुवाई अक्टूबर से शुरू हो गई थी। मक्का, ज्वार, चना और सरसों अन्य प्रमुख रबी फसलें हैं। इन फसलों की कटाई मार्च-अप्रैल में शुरू होगी।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, किसानों ने मौजूदा रबी सत्र में छह जनवरी तक 332.16 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई की है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 329.88 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी।

खास तौर पर राजस्थान (2.52 लाख हेक्टेयर), उत्तर प्रदेश (1.69 लाख हेक्टेयर), महाराष्ट्र (1.20 लाख हेक्टेयर), गुजरात (0.70 लाख हेक्टेयर), छत्तीसगढ़ (0.63 लाख हेक्टेयर), बिहार (0.44 लाख हेक्टेयर), पश्चिम बंगाल (0.10 लाख हेक्टेयर), जम्मू और कश्मीर (0.06 लाख हेक्टेयर) और असम (0.03 लाख हेक्टेयर) से गेहूं की अधिक बुवाई होने की सूचना मिली है।

इसके अलावा चालू रबी सत्र में छह जनवरी तक धान की बुवाई का रकबा भी बढ़कर 21.29 लाख हेक्टेयर हो गया है। जो एक साल पहले की इसी अवधि में 16.45 लाख हेक्टेयर था।

इसी तरह, तुलनात्मक अवधि के दौरान दलहन खेती का रकबा मामूली बढ़कर 157.67 लाख हेक्टेयर हो गया है जो पिछले साल 156.23 लाख हेक्टेयर था। इस रबी सत्र में अभी तक कुल दलहनों में से चना की बुवाई कम रकबे में यानी 107.82 लाख हेक्टेयर में की गई है।

आंकड़ों से पता चलता है कि मोटे और पौष्टिक अनाज का रकबा 46.80 लाख हेक्टेयर से मामूली बढ़कर 48.97 लाख हेक्टेयर हो गया है।

तिलहन के मामले में, इस रबी सत्र में अब तक विभिन्न प्रकार के तिलहनों का कुल रकबा बढ़कर 105.49 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो साल भर पहले 97.66 लाख हेक्टेयर था।

आंकड़ों से पता चलता है कि इसमें से रेपसीड-सरसों का रकबा पहले के 88.42 लाख हेक्टेयर के मुकाबले बढ़कर इस बार 95.34 लाख हेक्टेयर हो गया है।

इस तरह मौजूदा रबी सत्र में छह जनवरी तक सभी तरह की रबी फसलों की बुवाई का कुल रकबा एक साल पहले के 647.02 लाख हेक्टेयर से 2.86 प्रतिशत बढ़कर 665.58 लाख हेक्टेयर हो गया है।

भाषा राजेश राजेश प्रेम

प्रेम

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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