हैदराबाद, चार जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन विवेक देबरॉय ने बुधवार को कहा कि देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2047 तक 20,000 अरब डॉलर तथा प्रति व्यक्ति आय अमेरिकी मुद्रा के वर्तमान मूल्य पर 10,000 डॉलर हो जाएगी।
द इंडियन इकनॉमेट्रिक सोसायटी (टीआईईएस) के हैदराबाद विश्वविद्यालय में आयोजित 57वें सालाना सम्मेलन को ‘ऑनलाइन’ संबोधित करते हुए देबरॉय ने कहा कि हालांकि कोविड-19 महामारी संभवत: खत्म हो गयी है, लेकिन चीन की स्थिति, रूस-यूक्रेन युद्ध, यूरोप तथा अमेरिका में आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं जैसी चीजों को देखते हुए ऐसा लगता है कि अब भी वैश्विक स्तर पर कई अनिश्चितताएं हैं।
देबरॉय के हवाले से आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘अमेरिकी मुद्रा के आज के मूल्य के हिसाब से वर्ष 2047 तक भारत की प्रति व्यक्ति आय 10,000 डॉलर होगी। जीडीपी का औसत आकार 20,000 अरब डॉलर होगा। यानी भारत एक परिवर्तित समाज होगा।’’
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों समेत लोगों को बुनियादी आवश्यकताएं प्रदान की गई हैं। भारत में कोविड बाद आर्थिक संकेतकों में सुधार हुआ है। हर कोई अब 2023-24 में वृद्धि दर और 2047 तक अर्थव्यवस्था की वृद्धि को देखना चाहता है।
देबरॉय ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध, यूरोप तथा अमेरिका में आर्थिक वृद्धि की संभावना जैसी चीजों से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के कारण देश को विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार और पूंजी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत कोई इनसे अलग-थलग नहीं है। ऐसे में हमें भी अस्थिरता का सामना करना होगा। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार, पूंजी बाजार और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। मुद्रास्फीति पर भी इन अनिश्चितताओं का असर होगा।’’
देबरॉय ने कहा कि भारत को एक सरलीकृत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और प्रत्यक्ष कर की आवश्यकता है। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जिन पर हर किसी को सोचना चाहिए।
भाषा रमण अजय
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