नयी दिल्ली, तीन जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के कथित मालिकाना हक वाली जमीन पर बनी खानपुर मार्केट एसोसिएशन की ‘अवैध’ दुकानों के मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति अमित महाजन ने एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर डीयूएसआईबी को नोटिस जारी किया और आदेश दिया कि ‘‘इस दौरान, सुनवाई की अगली तारीख तक प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे याचिका दायर करने वाले एसोसिएशन के सदस्यों की दुकानों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखें।’’
याचिकाकर्ता ने कहा कि जिन दुकानों की बात हो रही है उनपर पिछले 50 साल से ज्यादा वक्त से उसके सदस्यों का कब्जा है लेकिन 27 दिसंबर, 2022 को डीयूएसआईबी ने सार्वजनिक नोटिस जारी करके निर्देश दिया कि चिन्हित दुकानों के सभी सामानों को सात दिनों के भीतर हटा दिया जाएगा।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि चिन्हित दुकानों का निर्माण डीयूएसआईबी की जमीन पर अवैध तरीके से किया गया है।
अदालत इस मामले में अगली सुनवाई 14 फरवरी को करेगी।
भाषा अर्पणा पवनेश
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