नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने सोमवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती तीन जनवरी को आठ मार्च के साथ महिला दिवस के रूप में मनाया जाए।
विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति पंडित ने कहा कि फुले के कार्यों और योगदान की वजह से ‘‘मैं वहां पहुंच सकी हूं, जहां आज मैं हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हम सभी के लिए ऐतिहासिक क्षण है कि हम माता सावित्रीबाई फुले की 192वीं जयंती मना रहे हैं। बड़े गौरव की बात है कि हम विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार उन पर इस तरह का कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सावित्रीबाई फुले के कार्यों की वजह से समाज ने आज प्रगति की है। आठ मार्च को महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन हमें फुले की जयंती को भी महिला दिवस के रूप में मनाना चाहिए।’’
कुलपति ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय ने फुले की जयंती पर एक परिचर्चा का आयोजन किया है।
पंडित ने कहा, ‘‘विश्वविद्यालय ने माता सावित्रीबाई फुले के एक मां, शिक्षक और समाज सुधारक के रूप में व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देने का फैसला किया है। यह शिक्षण संस्थानों में चर्चा और परिचर्चा का सबसे उचित विषय भी है।’’
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