भुवनेश्वर, 31 दिसंबर (भाषा) ओडिशा के एक होटल में रूस के एक सांसद सहित दो रूसी नागरिकों की मौत की घटना के बाद, लापता हुए उसी देश का व्यक्ति शनिवार को मिल गया।
एक अधिकारी ने बताया कि एंड्रयू ग्लेगोलेव, एक स्व-घोषित यूक्रेन युद्ध विरोधी कार्यकर्ता, भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के पास एक बाजार क्षेत्र में मौजूद था और वह अब राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की हिरासत में है।
भुवनेश्वर जीआरपी के प्रभारी जयदेव बिस्वजीत ने कहा कि उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गई है और उन्होंने भारत में शरण के लिए संयुक्त राष्ट्र में आवेदन किया था।
रूसी सांसद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचक थे, जबकि लापता व्यक्ति पुरी में रह रहा था और वह भी पुतिन का आलोचक था। लापता हुए व्यक्ति को पहले ओडिशा की राजधानी में युद्ध-विरोधी और पुतिन-विरोधी नारे लिखी तख्तियां पकड़े हुए देखा गया था।
लगभग एक महीने पहले, भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक व्यक्ति को एक तख्ती लिये देखा गया था जिसमें लिखा था, ‘‘मैं रूसी शरणार्थी हूं, मैं युद्ध के खिलाफ हूं, मैं पुतिन के खिलाफ हूं, मैं बेघर हूं, कृपया मेरी मदद करें।’’
तख्ती पकड़े हुए व्यक्ति की तस्वीर उसके हमवतन – सांसद एवं व्यवसायी पावेल एंतोव और उनके साथी यात्री व्लादिमीर बिदेनोव की मृत्यु के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।
जीआरपी अधिकारी ने कहा, ‘‘आज हमने उन्हें पूछताछ के उद्देश्य से हिरासत में लिया। उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं कि क्या वह भारत में रहने के लिए अधिकृत है। उनके वीजा की अवधि समाप्त हो गयी है।’’
एंतोव की 24 दिसंबर को कथित तौर पर होटल की तीसरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी जबकि बिदेनोव 22 दिसंबर को अपने कमरे में मृत पाए गए थे।
करीब एक महीने पहले भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अधिकारियों ने तख्ती पकड़े हुए व्यक्ति से बात की थी।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक जयदेव बिस्वजीत ने कहा, ‘‘कुछ यात्रियों द्वारा सूचित किए जाने पर, मैं उनके पास गया और उनके बारे में पूछताछ की। वह तख्ती लिए रेलवे प्लेटफॉर्म पर घूम रहा था। मैंने उनके पासपोर्ट और वीजा का निरीक्षण किया और दस्तावेजों को ठीक पाया।’’
उन्होंने कहा कि चूंकि उसे अंग्रेजी नहीं आती थी इसलिए उससे ज्यादा विवरण एकत्र नहीं किया जा सका।
पुरी के एसपी कंवर विशाल सिंह ने कहा, ‘‘जीआरपी ने हमसे संपर्क किया है। हमने तत्काल सहायता प्रदान की।’’
पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है।
रेलवे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘पुलिस को उसके बारे में संदेह करने का कोई कारण नहीं था, क्योंकि रायगड़ा की घटना उसके गायब होने के बाद हुई।’’
दोनों मृतक रूसियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है और सीआईडी उनकी मौतों की जांच कर रही है।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव
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