नयी दिल्ली, 30 दिसंबर (भाषा) एक स्थानीय अदालत ने दो महिलाओं को वेश्यावृत्ति के 14 साल पुराने मामले में बरी कर दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष के मामले में ‘चूक’ थी और परिस्थितियों की श्रृंखला में कड़ियां गायब थीं।
अदालत आरोपियों अफसाना और सीमा के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थी जिन पर अनैतिक व्यापार (रोकथाम) कानून की धारा आठ (वेश्यावृत्ति के उद्देश्य से बहकाना) का आरोप था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 अक्टूबर, 2008 को शाहदरा के न्यू उस्मानपुर इलाके में जगजीत नगर मुहल्ले में वेश्यावृत्ति गिरोह के बारे में गुप्त सूचना के आधार पर एक घर में छापा मारा गया था।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रूपिंदर सिंह धीमान ने पिछले सप्ताह पारित एक आदेश में कहा, ‘मुझे लगता है कि अभियोजन पक्ष की दलीलों में चूक हैं और परिस्थितियों की श्रृंखला में बीच की कड़ियां लापता हैं…।’’
अदालत ने कहा कि उसका मानना है कि अभियोजन अफसाना या सीमा के खिलाफ आरोपों को पूरी तरह से साबित करने में नाकाम रहा है। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
भाषा अविनाश मनीषा
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