चेन्नई, 24 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि तमिलनाडु में चिकित्सा शिक्षा तमिल भाषा में पढ़ाई जानी चाहिए क्योंकि इसे (चिकित्सा शिक्षा को)निश्चित रूप से मजबूत करने की जरूरत है।
सीतारमण ने यहां ‘तमिलनाडु डॉ. एमजीआर चिकित्सा विश्वविद्यालय’ के 35वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश कोविड के मामलों में वृद्धि होने की सूरत में इससे निपटने के लिए ‘‘बेहतर स्थिति’’ में है।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मैं यहां तमिलनाडु में स्वास्थ्य मंत्री के सामने यह बात कह रही हूं। निश्चित रूप से चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता है और मुझे लगता है कि अगर चिकित्सा शिक्षा को तमिल में पढ़ाया जाए तो इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर मेडिकल और अन्य संबंधित विषयों को तमिल में पढ़ाया जाए, तो छात्रों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
हालांकि, वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अंग्रेजी भाषा के खिलाफ नहीं हैं।
भाषा शफीक सुभाष
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