नयी दिल्ली, 21 दिसंबर (भाषा) दिल्ली सरकार कोविड-19 की स्थिति पर नजर रख रही है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग को नमूनों के जीनोम अनुक्रमण सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक अन्य कदम उठाने का निर्देश दिया।
जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, चीन और अमेरिका में कोविड-19 के मामलों में अचानक आई तेजी के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया था कि वायरस के उभरते हुए स्वरूप पर नजर रखने के लिए संक्रमित नमूनों के पूरे जीनोम अनुक्रमण को तैयार किया जाए।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में कहा है कि इस तरह की कवायद से देश में नए स्वरूप का समय पर पता लगाने में मदद मिलेगी और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय करना सुविधाजनक होगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा, ‘‘दिल्ली सरकार कोविड की स्थिति पर नजर रख रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।’’
अधिकारी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जीनोम अनुक्रमण और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक अन्य कदम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।’’
कोविड-19 की सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती अब भी दुनिया भर में बनी हुई है, जिसके लगभग 35 लाख मामले साप्ताहिक रूप से दर्ज किए गए हैं। चीन के विभिन्न शहर वर्तमान में कोविड के अत्यधिक संक्रामक स्वरूप ओमीक्रॉन, ज्यादातर बीएफ.7, की चपेट में हैं, जो बीजिंग में फैल रहा वायरस का मुख्य स्वरूप है। इसी के कारण चीन में कोविड संक्रमण के मामलों में व्यापक उछाल आया है।
गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र ने अक्टूबर में भारत में बीएफ.7 के पहले मामले का पता लगाया। अधिकारियों ने कहा कि अब तक गुजरात से दो मामले सामने आए हैं जबकि ओडिशा से एक मामला सामने आया है। अमेरिका, ब्रिटेन और बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस तथा डेनमार्क जैसे यूरोपीय देशों सहित कई अन्य देशों में बीएफ.7 की मौजूदगी की पहले ही पुष्टि हो चुकी है।
हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा कि बीएफ.7 को लेकर भारत को बहुत अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि टीकाकरण या पिछले संक्रमण के माध्यम से बहुत से लोगों में वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित हो चुकी है, वहीं चीन में कठोर प्रतिबंधों के कारण लोगों में कोविड के खिलाफ कम प्रतिरक्षा है।
सफदरजंग अस्पताल में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. जुगल किशोर ने कहा, ‘‘सरकार सक्रिय है और उसके निर्देश वैज्ञानिक हैं। कई देशों में मामलों में तेजी को देखते हुए सतर्क रहना चाहिए, लेकिन ओमीक्रोन के किसी भी नए उपस्वरूप से भारत में कोई बड़ी परेशानी होने की संभावना नहीं है।’’
वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि भारत ने इस साल की शुरुआत में एक बड़ी तीसरी लहर देखी और इसने एक तरह से बड़ी संख्या में लोगों के लिए बूस्टर खुराक के रूप में काम किया। वर्ष 2020 के आरंभ में महामारी शुरू होने के बाद से दिल्ली में कोविड के 20,07,097 मामले आ चुके हैं और 26,519 लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली में औसतन लगभग 2,000 से 3,000 नमूनों की जांच की जा रही है और नवंबर के मध्य से दैनिक मामलों की संख्या 20 से नीचे बनी हुई है।
भाषा आशीष प्रशांत
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