कोलकाता,19 दिसंबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में 10 लोगों के नरसंहार के मुख्य आरोपी ललन शेख की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच आयोग गठित करने की मांग से संबंधित जनहित याचिका पर सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।
याचिकाकर्ता बदरुल करीम के वकील सब्यसाची चटर्जी ने दलील दी कि बोगतुई नरसंहार की जांच इस अदालत के आदेश पर अपराध जांच विभाग (सीआईडी) से लेकर 21 मार्च को सीबीआई को सौंपी गई थी और अब वही सीआईडी 12 दिसंबर को सीबीआई की हिरासत में शेख की हुई अप्राकृतिक मौत की जांच कर रही है।
उन्होंने दलील दी कि इन तथ्यों के मद्देनजर शेख की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति आर भारद्वाज की खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
शेख को सीबीआई ने तीन दिसंबर को गिरफ्तार किया था और बीरभूम की एक स्थानीय अदालत के आदेश पर पूछताछ के लिए उसकी हिरासत में था।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पंचायत के उप प्रमुख भादू शेख की हत्या के प्रतिशोध में 21 मार्च को बोगतुई में आठ घरों में आगजनी की गई थी, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी।
भाषा सुरेश सुभाष
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