फिरोजपुर (पंजाब), 18 दिसंबर (भाषा) पंजाब पुलिस ने रविवार को मंसूरवाल गांव में शराब भट्ठी और इथेनॉल संयंत्र की ओर जाने वाली सड़क को अवरुद्ध करने वालों को हटाने के लिए अभियान शुरू किया। वहीं, पुलिस वाहनों को रोकने के कारण कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
सांझा जीरा मोर्चा के बैनर तले ग्रामीण पिछले पांच महीनों से संयंत्र के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए मांग कर रहे हैं कि शराब भट्ठी को बंद किया जाए, क्योंकि यह वायु प्रदूषण के अलावा कई गांवों में भूमिगत जल को प्रदूषित कर रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस प्रदर्शन स्थल पर और ग्रामीणों को पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है। पंजाब के कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा प्रदर्शनकारियों से बात करने और उनकी चिंताओं को दूर करने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद उन्होंने अपना धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया, जिसके एक दिन बाद यह कार्रवाई की गई।
धालीवाल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया था कि उनके हितों की रक्षा की जाएगी और कहा कि इस संबंध में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों वाली विशेष तथ्यान्वेषी समितियों का गठन किया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारी संयंत्र को बंद करने की अपनी मांग पर अड़े रहे। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि प्रदर्शनकारियों को वर्तमान स्थान से 300 मीटर दूर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
उच्च न्यायालय ने इससे पूर्व संयंत्र के मालिक द्वारा उच्च न्यायालय का रुख करने के बाद धरना स्थल स्थानांतरित नहीं करा पाने के लिए राज्य सरकार पर 20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
पुलिस ने कहा कि कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का पालन करने से रोकने की कोशिश की, जिन्हें हिरासत में लिया गया। महिलाओं सहित कुछ ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बठिंडा-अमृतसर राजमार्ग को अवरुद्ध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा संयंत्र की ओर जाने वाली सड़क पर लगाए गए कुछ तंबुओं को भी पुलिस ने हटा दिया।
हालांकि, प्रदर्शनकारी शराब भट्ठी के सामने धरने पर बैठे रहे। फिरोजपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘कानून के अनुसार कोई भी कार्रवाई की जा रही है।’’ उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करें और अपने धरने को वर्तमान स्थल से 300 मीटर दूर स्थानांतरित करें।
जीरा में दंगा-रोधी पुलिस सहित लगभग 2,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है, इसके अलावा एक दंगा-रोधी वाहन को भी विरोध स्थल के पास तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बैठक की थी।
भाषा आशीष दिलीप
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