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Tuesday, 10 February, 2026
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चीन के खिलाफ एक भी शब्द क्यों नहीं बोलते मोदी: कांग्रेस

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दौसा (राजस्थान), 15 दिसंबर (भाषा) कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर भारत-चीन सीमा विवाद पर संसद में बहस से बचने का आरोप लगाया और पूछा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस मुद्दे से भाग क्यों रही है।

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ ताजा विवाद का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी कौन सी मजबूरी है कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में प्रधानमंत्री जब बोलते हैं तो चीन को सिर्फ क्लीन चिट देते हैं।’’

खेड़ा ने कहा कि मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो गुजरात के स्कूलों में मैंडरिन भाषा पढ़ाना चाहते थे, उसे अनिवार्य करना चाहते थे। कांग्रेस ने तब भी विरोध किया था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों में एक चीनी कंपनी का इस्तेमाल किया जिसे केंद्र में सत्तारूढ़ उसी की सरकार ने हमारी देश की संप्रभुता के लिए खतरा बताया था। खेड़ा के अनुसार एक कंपनी जिसे विश्व बैंक, अमेरिका और यूरोप द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया, उसे जम्मू कश्मीर के सीमावर्ती जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का ठेका दिया गया।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के साथ यहां पहुंचे खेड़ा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम जब भारत जोड़ने की बात करते हैं… तो सीमाओं पर भी कुछ खतरे हैं। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश में, जो कुछ हो रहा है सरकार खुद भी आंख मूंद कर बैठी है और चाहती है कि मीडिया और विपक्ष भी आंख मूंद कर बैठ जाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कल तमाम विपक्षी दलों ने संसद से बहिर्गमन किया क्योंकि विपक्षी दल आंख मूंदना नहीं चाहते। वे आंख खुली रखना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि मीडिया भी अपनी आंख खुली रखे क्योंकि अगर हम सबने आंख मूंद ली तो सीमा पर बचने लायक कुछ होगा नहीं, कुछ रहेगा नहीं।’’

कांग्रेस नेता के अनुसार, ‘‘कल हमारे तमाम विपक्षी दलों ने इसलिए संसद से बहिर्गमन किया क्योंकि वे सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं थे। सरकार चीन के मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं करना चाहती। प्रधानमंत्री का मुंह बंद रहता है और जब मुंह खुलता है तो वे चीन को क्लीनचिट दे देते हैं।’’

खेड़ा ने कहा, ‘‘20 जून 2020 को जो उन्होंने ‘क्लीनचिट’ दी आज तक हिंदुस्तान उस ‘क्लीनचिट’ का खामियाजा भुगत रहा है। चीन के साथ हर सीमा पर हम उसका खामियाजा भुगत रहे हैं, क्योंकि चीन को समझ में आ गया है कि हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री अपनी छवि से ऊंचा और किसी चीज को नहीं मानता। भारत की सीमाओं की सुरक्षा को भी वह अपनी छवि से ऊपर नहीं बल्कि नीचे मानते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘संसद में आप चीन पर चर्चा क्यों नहीं करना चाहते… यह कांग्रेस भी जानना चाहती है, समूचा विपक्ष यह जानना चाहता है।’’ उन्होंने कहा कि गुजरात के धोलेरा में स्थानीय एमएसएमई (लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम) इकाइयों को जमीन आवंटित नहीं की गई, लेकिन चीनी कंपनियों को जमीन दे दी गई।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चीनी कंपनियों ने ‘पीएम केयर्स फंड’ से पैसा दिया गया और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी मंशा क्या है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सैन्य विशेषज्ञों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 15 क्षेत्रों के नाम बदल दिए हैं, एक गांव बसा लिया है, लेकिन सरकार चुप क्यों है? सरकार की चुप्पी के पीछे क्या कारण है?’’

उन्होंने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में बहस की मांग की थी और नेहरू ने इसे स्वीकार कर लिया था। खेड़ा के अनुसार, ‘‘तब एक सांसद ने सुझाव दिया था कि यह गुप्त बहस होनी चाहिए और इसे मीडिया में प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस सुझाव को खारिज कर दिया। यहां तक कि कांग्रेस के एक तत्कालीन सांसद ने भी सरकार से सवाल पूछे थे।’’

खेड़ा ने कहा, ‘‘मोदी जी को इतिहास के उस पन्ने से सीखना चाहिए कि जब राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे होते हैं, जब सीमाओं की सुरक्षा का सवाल होता है तो देश जानना चाहता है कि हमारी सीमा पर क्या हो रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मजबूत सेना है हमारी वीर सेना है, हमारी शौर्यवान सेना है… इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति ही नहीं है… कमजोर है… हमारे सैनिक चीन के सैनिकों को खदेड़ना चाह रहे हैं लेकिन (देश का) प्रधानमंत्री (चीन को) क्लीनचिट दे रहा है… बताइए कैसे सीमाएं सुरक्षित रह सकती हैं?’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार जवाब दे कि चीन के साथ आपकी नीति क्या है, क्यों आप क्लीनचिट दे रहे हैं… आप किस दबाव में हैं… 18-18 बार प्रधानमंत्री चीन के राष्ट्रपति से मिलते हैं। क्यों मिलते हैं?’’

राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच खींचतान पर खेड़ा ने कहा, ‘‘सब इकट्ठे चल रहे हैं… सब ‘‘भारत को जोड़ रहे हैं’’। हम एकजुट होकर (आगामी विधानसभा) चुनाव लड़ेंगे, चुनाव जीतेंगे, सरकार बनाएंगे।’’

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘इसमें कोई शक नहीं कि हम एक होकर चुनाव लड़ेंगे, हम कांग्रेस पार्टी को जिताएंगे किसी एक व्यक्ति को नहीं जिताएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘संगठन सर्वोपरि है। व्यक्ति आते हैं और जाते हैं। व्यक्ति पद ग्रहण करते हैं, पद से हटते हैं। पर संगठन बरकरार रहता है और संगठन को मजबूत करना हमेशा हमारे लिए प्राथमिकता रहेगी। संगठन यह चुनाव लड़ेगा और जीतेगा। कौन बनेगा मुख्यमंत्री यह बाद में देखा जाएगा। कांग्रेस पार्टी को जिताने के लिए सभी नेता सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर काम कर रहे हैं।’’

उल्लेखनीय है कि ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ इस समय राज्य के दौसा जिले में हैं। बृहस्पतिवार सुबह यात्रा गोलिया गांव से आगे बढ़ी और लालसोट पहुंची। शाम को यात्रा मोलाइ गांव पहुंचेगी। शुक्रवार को यात्रा के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। रमेश ने कहा कि शुक्रवार को यात्रा सुबह के एक ही चरण में होगी और छह से 11 बजे तक 23 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। राहुल गांधी शाम को चार बजे जयपुर में संवादददाता सम्मेलन करेंगे जबकि साढ़े सात बजे वहां संगीत कार्यक्रम होगा।

भाषा पृथ्वी सुरभि

सुरभि

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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