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Tuesday, 3 February, 2026
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विझिंजम बंदरगाह प्रदर्शन: केरल उच्च न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका बंद की

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कोच्चि(केरल), सात दिसंबर (भाषा) निर्माणाधीन विझिंजम बंदरगाह के बाहर 130 दिनों से अधिक समय से जारी प्रदर्शन मछुआरों के समाप्त करने के एक दिन बाद केरल उच्च न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग करने वाली अडाणी समूह की याचिका बुधवार को बंद कर दी।

न्यायमूर्ति अनु शिवरमण को राज्य सरकार ने बताया कि आंदोलन समाप्त हो गया है, और प्रदर्शनकारियों की समिति ने अदालत को सूचित किया है कि प्रदर्शन स्थल पर लगाये गये तंबू को दिन में हटा लिया जाएगा।

दलीलों पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने अडाणी समूह की याचिकाओं का निस्तारण कर दिया। वहां निर्माण कार्य को बाधित नहीं करने संबंधी अदालत के पूर्व के आदेश का कथित तौर पर उल्लंघन करने को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ याचिकाओं के जरिये अवमानना कार्रवाई की मांग की गई थी।

हालांकि, अदालत ने निर्माण सामग्री वाले वाहनों के प्रवेश के लिए विशेष अनुमति देने की अडाणी समूह की अर्जी स्वीकार नहीं की और मौखिक रूप से कहा कि इलाके में समस्या नहीं बढ़ाई जाए।

अदालत ने यह भी कहा कि वह पुलिस सुरक्षा की मांग करने वाली अडाणी समूह की अर्जी पर बाद में विचार करेगी।

प्रदर्शनकारियों के नेताओं और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बीच बातचीत के बाद आंदोलन मंगलवार को वापस ले लिया गया, जो चार महीने से अधिक समय से जारी था।

मछुआरों की मांग है कि करोड़ों रुपये की लागत वाली इस बहुउद्देश्यीय परियोजना के सिलसिले में एक तटीय प्रभाव अध्ययन कराया जाए।

भाषा सुभाष रंजन

रंजन

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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