कांकेर (छत्तीसगढ़), सात दिसंबर (भाषा) राज्य के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती बृहस्पतिवार को होगी। कांकेर जिले के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी की मृत्यु के बाद रिक्त इस सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान पांच दिसंबर को हुआ। जिसमें 71.74 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
कांकेर जिले की कलेक्टर डॉक्टर प्रियंका शुक्ला ने बताया कि भानुप्रतापपुर सीट के लिए आठ दिसंबर को कांकेर शहर के भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।
शुक्ला ने बताया कि मतगणना के लिए आठ दिसंबर को सुबह सात बजे प्रेक्षक, रिटर्निंग अधिकारी और उम्मीदवारों या उनके अभिकर्ताओं की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम खोला जाएगा। पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी तथा 30 मिनट के बाद ईवीएम की गणना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतगणना 19 दौर में होगी और ईवीएम की अंतिम राउंड की गिनती के तत्काल बाद पांच मतदान केंद्रों का औचक चयन कर वोटों का मिलान वीवीपैट पर्ची से की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि मतगणना केंद्र के भीतर अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश रोकने के लिए त्रिस्तरीय घेराबंदी की जाएगी। गणना परिसर के चारों ओर 100 मीटर की परिधि के क्षेत्र को ‘पैदल यात्री क्षेत्र’ के रूप में निर्धारित किया गया है। इस परिधि में वाहनों का प्रवेश निषेध होगा। मतगणना के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी फोटो प्रवेश पत्र के बिना किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा के पहले घेरे को पार करने की अनुमति नहीं होगी।
इस साल 16 अक्टूबर को दिल का दौरा पड़ने से कांग्रेस विधायक मंडावी का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से रिक्त इस सीट के लिए पांच दिसंबर को मतदान हुआ था। कांग्रेस ने दिवंगत विधायक की पत्नी सावित्री मंडावी को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि पूर्व विधायक ब्रह्मानंद नेताम भाजपा के उम्मीदवार हैं।
बस्तर में आदिवासी समुदाय की संस्था सर्व आदिवासी समाज ने भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी अकबर राम कोर्रम को अपना उम्मीदवार बनाया है।
राज्य में 2018 में बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद चार उपचुनाव हुए और सभी में कांग्रेस की जीत हुई है।
राज्य विधानसभा की 90 सीट में से वर्तमान में कांग्रेस के 70, भारतीय जनता पार्टी के 14, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के तीन तथा बहुजन समाज पार्टी के दो विधायक हैं। वहीं एक सीट रिक्त है।
भाषा सं संजीव अर्पणा
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