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Monday, 26 January, 2026
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अप्रत्याशित लाभ कर 2023 में धीरे-धीरे खत्म किया जाएगा: फिच

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नयी दिल्ली, छह दिसंबर (भाषा) रेटिंग एजेंसी फिच ने मंगलवार को कहा कि पेट्रोलियम कंपनियों पर लगाया गया अप्रत्याशित लाभ कर 2023 में कच्चे तेल के दामों में नरमी के बाद चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया जाएगा।

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ऊर्जा के दामों में वैश्विक स्तर पर हुई बढ़ोतरी से पेट्रोलियम कंपनियों को जो अप्रत्याशित लाभ हुआ है, उसपर सरकार ने एक जुलाई से नया कर लगा दिया था। यह कर घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन एटीएफ के निर्यात पर भी लगाया गया था।

अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से कर की दरों में हर पखवाड़े संशोधन किया जाता है। हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला कर खत्म कर दिया गया है।

फिच ने ‘एपीएसी तेल एवं गैस परिदृश्य 2023’ में कहा, ‘‘हमारा ऐसा मानना है कि सरकार ने 2022 में घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर जो अप्रत्याशित कर लगाया है, वह कीमतों में नरमी आने के साथ ही 2023 में धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाएगा।’’

फिच ने अनुमान जताया कि ब्रेंट कच्चे तेल के दाम 85 डॉलर प्रति बैरल हो जाएंगे जो 2022 में 100 डॉलर प्रति बैरल थे। उसने आगे कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के मार्जिन में सुधार आएगा और 2022 में हुए घाटे की कुछ भरपाई हो सकेगी।’’

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड को चालू वित्त वर्ष में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के कारण तिमाही-दर तिमाही घाटा उठाना पड़ा है।

भाषा मानसी अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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