scorecardresearch
Sunday, 25 January, 2026
होमदेशअर्थजगतपीएम गतिशक्ति योजना के इस्तेमाल पर सामाजिक विभागों के संपर्क में डीपीआईआईटी

पीएम गतिशक्ति योजना के इस्तेमाल पर सामाजिक विभागों के संपर्क में डीपीआईआईटी

Text Size:

नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय पीएम गतिशक्ति अभियान के जरिये ढांचागत संरचना के एकीकृत एवं सक्षम विकास के लिए स्वास्थ्य और पंचायती राज समेत पांच विभागों के साथ संपर्क में काम कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अक्टूबर, 2021 को गतिशक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत की थी। इसके माध्यम से देशभर में वस्तुओं की आवाजाही को सुगम बनाने और लॉजिस्टिक लागत को कम करने के लिए एकीकृत परिवहन ढांचा खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अनुराग जैन ने यहां संवाददाताओं से कहा कि पीएम गतिशक्ति अभियान ढांचागत विकास परियोजनाओं के लिए अच्छी पहल साबित हुआ है और अब सामाजिक क्षेत्र में भी इसका दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

जैन ने कहा, ‘‘हमने हाल ही में सामाजिक क्षेत्र से जुड़े पांच विभागों के साथ भी संपर्क बढ़ाया है ताकि इन क्षेत्रों में कामकाज सुधारने में इस अभियान के असर डालने के तरीके को परख सकें।’’

इन विभागों में स्वास्थ्य और पंचायती राज के अलावा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय भी पीएम गतिशक्ति अभियान से लाभान्वित हो सकता है।

उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना के बारे में योजना गतिशक्ति- राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) मंच पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर बनाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के इस्तेमाल से केंद्र एवं राज्य सरकारों को महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं के विकास में लगने वाले समय एवं लागत को कम करने में भी मदद मिल रही है। इस पोर्टल पर जमीन, बंदरगाह, वन एवं राजमार्ग समेत 1,994 तरह के आंकड़े उपलब्ध हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments