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Monday, 12 January, 2026
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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का आज पांचवां दिन

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चंडीगढ़/होशियारपुर, 23 नवंबर (भाषा) किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारती किसान संघ (एकता सिद्धूपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का आज बुधवार को पांचवा दिन है।

डल्लेवाल ने पंजाब के फरीदकोट में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में वृद्धि, खराब मौसम और कीटों के हमले के कारण फसल को हुए नुकसान के वास्ते मुआवजा और पराली जलाने पर लगाए गए भारी जुर्माने को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए पिछले शनिवार को अपना अनशन शुरू किया था।

फरीदकोट में प्रदर्शनस्थल पर बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में डल्लेवाल ने कहा, “भले ही मैं मर जाऊं, मैं किसान साथियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन जारी रखने की अपील करता हूं।”

उन्होंने कहा कि उनका वजन कम होना, रक्तचाप में उतार-चढ़ाव और निम्न रक्त शर्करा स्तर की बात इस समय उनके दिमाग में नहीं चल रही। उन्होंने कहा, “मैं इन चीजों के बारे में नहीं सोच रहा।” उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां हैं क्योंकि सरकार को उन मांगों के लिये अधिसूचना जारी करनी चाहिए जिन्हें उसने पहले ही मान लिया है। और उसे पराली जलाने पर हुई ‘रेड एंट्री’ (शिकायतें) और भारी जुर्माने जैसी कुछ मांगें पूरी करनी चाहिए।’’

किसान नेता के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिये फरीदकोट में प्रदर्शन स्थल पर एक चिकित्सा दल को तैनात किया गया है।

डल्लेवाल के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे चिकित्सकों ने पूर्व में कहा था कि उनका रक्त शर्करा स्तर कम था।

जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डल्लेवाल को अनशन खत्म करने के लिए मनाने का प्रयास कर रहे हैं।

डल्लेवाल ने यह भी मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को किसानों के खिलाफ उनकी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए।

मान ने पिछले शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के तहत पंजाब में सड़कों को बार-बार अवरुद्ध करने के लिए किसान संघों की आलोचना की थी।

इस पर पलटवार करते हुए डल्लेवाल ने कहा था कि अगर उनका धरना गलत था, तो आम आदमी पार्टी (आप) के नेता दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में क्यों शामिल हुए थे।

उन्होंने इससे पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर आरोप लगाया था कि वह वैसा ही व्यवहार कर रही है जैसा व्यवहार कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के दौरान भाजपा कर रही थी ।

डल्लेवाल ने कहा कि उपायुक्तों के कार्यालयों के बाहर किए गए प्रदर्शनों पर जब राज्य सरकार से समुचित प्रतिक्रिया नहीं मिली तो, किसान पंजाब में सड़कों पर धरना देने को मजबूर हो गए।

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के विरोध का बुधवार को आठवां दिन है। पंजाब के अमृतसर, मनसा, पटियाला, फरीदकोट और बठिंडा में बीकेयू (एकता सिद्धूपुर) विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही है।

इस बीच, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका।

होशियारपुर जिले में किसान मजदूर यूनियन – गढ़दीवाला ने उसके अध्यक्ष जुझार सिंह और पगड़ी संभाल लहर के कार्यकर्ताओं ने अपने राज्य समन्वयक सतनाम सिंह बागडिया के नेतृत्व में प्रदर्शन किए और गढ़दीवाला में तहसील परिसर के सामने तथा चीनी मिल, मुकेरियां के बाहर मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंका।

उन्होंने मुख्यमंत्री और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

सोनीपत और हिसार सहित हरियाणा में भी कई जगहों पर भगवंत मान के पुतले फूंके गए।

भाषा अर्पणा मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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