नयी दिल्ली, 15 नवंबर (भाषा) रुपये में विदेशी व्यापार की सुविधा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अनुमति के बाद दो भारतीय बैंकों के साथ नौ विशेष ‘वोस्ट्रो खाते’ खोले गए हैं। एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
वोस्ट्रो खाता दरअसल ऐसा खाता होता है जो एक बैंक दूसरे बैंक की तरफ से खोलता या रखता है।
रूस के सबसे बड़े स्बरर्बैंक और दूसरे सबसे बड़े वीटीबी यह मंजूरी पाने वाले पहले विदेशी बैंक हैं। ये दोनों आरबीआई द्वारा जुलाई में रुपये में विदेशी व्यापार पर दिशानिर्देशों की घोषणा के बाद मंजूरी प्राप्त करने वाले पहले विदेशी बैंक हैं।
रूस के एक अन्य बैंक गैज़प्रॉम ने भी कोलकाता स्थित यूको बैंक के साथ वोस्ट्रो खाता खोला है।
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘नौ वोस्ट्रो खाते खोले गए हैं। एक यूको बैंक में, एक स्बर में, एक वीटीबी में और छह इंडसइंड बैंक में। ’’
विशेष वोस्ट्रो खाता खोलने के कदम से भारत और रूस के बीच व्यापार के लिए रुपये में भुगतान के निपटान का रास्ता साफ हो गया है। इससे भारतीय मुद्रा में सीमापार व्यापार करना सक्षम होगा जिसे आरबीआई बढ़ावा देना चाहता है।
आरबीआई ने नयी व्यवस्था को लोकप्रिय बनाने में मदद करने के लिए विशेष वोस्ट्रो खातों को भारत सरकार की प्रतिभूतियों में अधिशेष शेष राशि का निवेश करने की अनुमति दी है।
यह पूछे जाने पर कि रूस के साथ रुपये में व्यापार कब शुरू होगा, सचिव ने कहा कि इसमें एक प्रक्रिया शामिल है और उम्मीद है कि यह जल्द ही अमल में आ जाएगी।
बर्थवाल ने कहा कि उन्होंने यूको बैंक, आरबीआई और वित्तीय सेवा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की है और रुपये के व्यापार को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की है।
भाषा जतिन अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
