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Monday, 12 January, 2026
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भारत 2025 से हरित ऊर्जा का निर्यात शुरू करेगा, ग्रीनको और सिंगापुर की केप्पल के बीच करार

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(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, 25 अक्टूबर (भाषा) भारत 2025 से हरित ऊर्जा का निर्यात शुरू कर देगा और पहली खेप सिंगापुर के बिजली संयंत्र को भेजी जाएगी। इस बाबत एक भारतीय कंपनी और सिंगापुर की ऊर्जा कंपनी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं।

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी ग्रीनको और सिंगापुर की केप्पल इन्फ्रास्ट्रक्चर ने सिंगापुर स्थित केप्पल के नए 600 मेगावॉट के ऊर्जा संयंत्र के लिए सालाना 2,50,000 टन की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अनुबंध किया है। एमओयू पर हस्ताक्षर ‘सिंगापुर इंटरनेशनल एनर्जी वीक’ से इतर किए गए।

ग्रीनको समूह के अध्यक्ष एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक महेश कोली ने कहा, ‘‘भारत 2025 से पहली बार ऊर्जा का निर्यात करेगा।’’ उन्होंने कहा कि ग्रीनको 2025-26 के बाद हरित हाइड्रोजन का निर्यात भी करेगी। उन्होंने अनुमान जताया कि हरित ईंधन की मांग सालाना पांच करोड़ टन होगी जिसमें से 1.5 करोड़ टन जलपोतों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन होगा।

ग्रीनको ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया की इस्पात और ऊर्जा उत्पादक पॉस्को को सालाना 10 लाख टन हरित अमोनिया की आपूर्ति के लिए एक समझौता किया था। यह आपूर्ति भी 2025-26 से शुरू होने का अनुमान है।

कोली ने बताया कि ग्रीनको की कुल मिलाकर 30 लाख टन हरित अमोनिया के उत्पादन की योजना है जिससे घरेलू मांग की भी पूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि हरित अमोनिया के इस्तेमाल से भारत के आयात में करीब 60 लाख टन अमोनिया और यूरिया की कटौती की जा सकेगी।

केप्पल के साथ हुए समझौते का स्वागत करते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘‘बीते कुछ वर्षों में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अद्वितीय शक्ति का प्रदर्शन किया है और प्रतिस्पर्धी दरों पर हरित हाइड्रोजन के उत्पादन में इसी वजह से तेजी आई है।’’

भाषा मानसी अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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