मुंबई, पांच सितंबर (भाषा) कृषि रसायन कंपनी जीएसपी क्रॉप साइंस ने सोमवार को कहा कि उसने व्हाइटफ्लाई कीटों से निपटने के लिए अपने कीटनाशक फॉर्मूलेशन के लिए पेटेंट हासिल किया है और उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षों में यह ‘मोलिक्यूल’ लगभग 400 करोड़ रुपये का राजस्व सृजित करेगा।
जीएसपी क्रॉप साइंस ने बयान में कहा कि कंपनी को औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग, जीएसपी के तहत पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक के कार्यालय से पाइरीप्रॉक्सिफेन और डायफेनथियूरोन (ब्रांडेड जीएसपी एसएलआर 525 एसई फॉर्मूलेशन) के सहक्रियात्मक सस्पो-इमल्शन फॉर्मूलेशन के लिए विशेष पेटेंट प्राप्त हुआ है।
व्हाइटफ्लाई कीट कृषि, बागवानी और वानिकी में फसलों को नुकसान पहुँचाता है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 1.35 हेक्टेयर में फैला नारियल और तेल पाम, व्हाइटफ्लाई कीटों से प्रभावित हैं।
जीएसपी क्रॉप साइंस के प्रबंध निदेशक भावेश शाह ने कहा, ‘लगभग आठ वर्षों की मेहनत के बाद हमारे शोध एवं विकास दल की मदद से हमें इस उत्पाद के लिए पेटेंट प्रदान किया गया है जो किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उत्पाद एसएलआर 525 भारतीय बाजार में अपनी तरह का पहला उत्पाद है। हमारा इससे अगले कुछ वर्षो के भीतर सालाना लगभग 400 करोड़ रुपये का राजस्व सृजित होने का अनुमान है। हमें उम्मीद है कि इस उत्पाद का बाजार और भी बढ़ेगा।’
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