नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने सोमवार को शहर में भाजपा नियंत्रित नगर निगम को नोटिस जारी कर प्राथमिक स्कूलों के ‘‘खराब’’ प्रदर्शन के लिए दो सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
आयोग ने कहा कि एमसीडी के स्कूलों में “शिक्षा की खराब गुणवत्ता” के मामले को देखने के लिये एक जांच का भी आदेश दिया गया है।
बच्चों के अधिकार के मामलों में दिल्ली सरकार के वैधानिक निगरानीकर्ता डीसीपीसीआर ने एक जांच नोटिस में नगर निगम के स्कूलों में शिक्षण और सीखने की गुणवत्ता को उजागर करने के लिए कक्षा तीन के लिए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) रिपोर्ट 2021 का हवाला दिया।
प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी दिल्ली नगर निगम के पास है। एकीकृत एमसीडी वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के तहत काम कर रही है।
नोटिस में कहा गया है, “एनएएस कक्षा -3 के परिणाम नगर निगम के स्कूलों में शिक्षण और सीखने की निराशाजनक तस्वीर पेश करते हैं, और दिल्ली को भारत में सबसे कमतर प्रदर्शन करने वाले पांच राज्यों में स्थान देता है।”
इसमें कहा गया, “वास्तव में दिल्ली नगर निगम का कक्षा तीन के नतीजे सभी तीन विषयों- भाषा, गणित और पर्यावरण अध्ययन- में राष्ट्रीय औसत से भी कम हैं। भाषा में राज्य का औसत आंकड़ा 52 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 62 प्रतिशत है।”
डीसीपीसीआर ने एमसीडी से दो सप्ताह में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
नोटिस में कहा गया है, “आयोग ने दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी कर खराब प्रदर्शन के लिए स्पष्टीकरण मांगा है।”
डीसीपीसीआर के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने ट्वीट कर कहा कि एमसीडी द्वारा संचालित विद्यालयों में “शिक्षा की खराब गुणवत्ता” को लेकर जांच के आदेश दिये गये हैं।
कुंडू ने ट्वीट किया, “डीसीपीसीआर ने एमसीडी के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता पूरी तरह से खराब होने की जांच के आदेश दिए हैं। एमसीडी स्कूलों के प्रदर्शन को पूरे भारत में निचले पांच स्थानों में जगह दी गई है।”
दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के विधायकों ने शनिवार को दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित कुछ स्कूलों का दौरा कर इमारतों, कक्षाओं, शौचालयों और परिसरों की ‘‘खस्ता हालत’’ दिखाने के लिए वहां की स्थिति का सीधा प्रसारण भी किया था। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने स्कूल निर्माण पर होने वाले खर्च को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठाने के लिए भाजपा की आलोचना की।
एमसीडी ने हालांकि अपने स्कूलों की हालत “दिल्ली सरकार द्वारा संचालित स्कूलों से खराब होने से” इनकार किया है।
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
