नयी दिल्ली/बोलपुर, 17 अगस्त (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मवेशी तस्करी घोटाले के संबंध में तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल और उनके परिवार के सदस्यों की 16.97 करोड़ रुपये की सावधि जमा की निकासी पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान एजेंसी को इस सावधि जमा के बारे में पता चला। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पाया गया कि मंडल ने कथित तौर पर अपने सहयोगियों को नकदी प्रदान कर इसे बैंक खातों में जमा कराया और बाद में अपने नाम पर सावधि जमा में तब्दील कर दिया।
सीबीआई की एक टीम ने बृहस्पतिवार को तृणमूल के बीरभूम जिलाध्यक्ष मंडल को बोलपुर में उनके आवास से गिरफ्तार किया था। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए कई बार सीबीआई के समन को नजरअंदाज किया था।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने आरोप लगाया है कि फरार तृणमूल नेता विनय मिश्रा के भाई विकास मिश्रा और मंडल ने कथित मवेशी तस्कर इनामुल हक के सहयोगियों को संरक्षण प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि इनामुल हक इलम बाजार में मवेशियों की खरीद करता था।
अधिकारियों ने बताया कि तस्कर इलमबाजार से भारत-बांग्लादेश सीमा तक मवेशियों को ले जाते थे और इस काम में राज्य प्रवर्तन एजेंसियों से उनका बचाव करने में कथित तौर पर मंडल और मिश्रा की भूमिका होती थी।
इस बीच, सीबीआई ने बुधवार को आरोप लगाया कि कथित मवेशी तस्करी घोटाले की जांच के सिलसिले में अनुब्रत मंडल की बेटी ने पूछताछ के दौरान उसके अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं किया।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मंडल के यहां स्थित आवास पर पहुंचे सीबीआई के चार सदस्यीय दल से उनकी बेटी सुकन्या मंडल ने कहा कि हाल में मां का निधन होने और पिता की गिरफ्तारी के चलते वह ‘‘भावनात्मक रूप से अच्छी स्थिति में नहीं’’ है इसलिए अधिकारियों से बात नहीं कर सकती।
अधिकारी ने कहा, ‘‘अनुब्रत मंडल की तरह ही उनकी बेटी ने भी सीबीआई के साथ सहयोग नहीं किया। उसने (सुकन्या) हमारे अधिकारियों से बात करने से मना कर दिया।’’
उन्होंने बताया कि सीबीआई की एक महिला अधिकारी समेत चार सदस्यीय दल जांच के लिए यहां मंडल के निचुपत्ती आवास पर भी गया था।
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी को संदेह है कि इस घोटाले में वित्तीय लेनदेन के लिए मंडल की बेटी के कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
सीबीआई की एक महिला अधिकारी समेत चार सदस्यीय दल जांच के लिए मंडल के निचुपत्ती आवास पर गया था लेकिन सुकन्या के उनसे बातचीत से इंकार करने पर वे करीब 10 मिनट बाद ही वहां से चले गए। सुकन्या एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है।
सीबीआई के अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका रहते हुए सुकन्या ने कैसे इतनी संपत्ति अर्जित की।
अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सुकन्या मंडल के नाम पर कई संपत्तियां दर्ज हैं। वह कुछ कंपनियों की निदेशक भी हैं। हम एक स्कूल शिक्षिका के रूप में उसकी आय का विवरण मांगेंगे। कई सवालों का जवाब मिलने की जरूरत है।’’
वहीं, सीबीआई ने कथित मवेशी तस्करी घोटाले की जांच के सिलसिले में यहां अपने अस्थायी कार्यालय में मंडल के लेखाकार से बुधवार सुबह पूछताछ की। अधिकारी ने बताया कि जांच एजेंसी के एक दल ने मंडल के लेखाकार मनीष कोठारी तथा उस बैंक के दो अधिकारियों से दो घंटे तक पूछताछ की, जहां टीएमसी नेता के कई खाते थे।
अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी को संदेह है कि इस घोटाले में वित्तीय लेनदेन के लिए मंडल की बेटी के कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
भाषा शफीक पवनेश
पवनेश
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