प्रयागराज, 11 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के आयुष विभाग ने प्रदेश का पहला राजकीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र वाराणसी के चौबेपुर में खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है जिसका मसौदा भारत सरकार के पास अनुमति के लिए भेजा गया है।
यहां ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र (दयालु) ने बताया कि सरकार की ओर से प्रदेश में यह पहला प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र होगा जिसके लिए वाराणसी के चौबेपुर में सात बीघा जमीन चिन्हित की गई है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने 2025 तक 1600 ‘आयुष वेलनेस सेंटर’ खोलने की तैयारी है इसमें से 500 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
मिश्र ने बताया कि उनके विभाग ने 50 बिस्तरों वाले नौ अस्पताल शुरू किए हैं जो वाराणसी, अमेठी, कानपुर देहात, कानपुर नगर आदि जिलों में स्थित हैं। ये एकीकृत अस्पताल हैं जहां आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी आदि पद्धतियों से इलाज किया जाता है।
उन्होंने बताया कि सरकार चाहती है कि लोग आयुष अस्पताल खोलने में मदद के लिए आगे आएं और जिनके पास एक एकड़ या इससे कम की जमीन है, वे अस्पताल बनाने के लिए जमीन दान करें। सरकार जमीन के स्वामियों के मां-बाप, दादा-दादी के नाम पर ये अस्पताल खोलेगी।
मंत्री ने बताया कि अभी तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से दो दर्जन जमीन के प्रस्ताव आए हैं जिन पर आयुष अस्पताल खोलने पर विचार किया जा रहा है। इस पहल से जहां अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध हो सकेगी, वहीं जमीन देने वाले लोगों के पुरखों का नाम अमर हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोगों को आयुर्वेद का महत्व समझ आया और अब लोग जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए आयुर्वेद की शरण में आ रहे हैं।
भाषा राजेंद्र प्रशांत
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