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Monday, 30 March, 2026
होमदेश‘मी टू मानहानि मामला : ‘‘लीना मणिमेकलाई समन का जवाब नहीं देगी’’

‘मी टू मानहानि मामला : ‘‘लीना मणिमेकलाई समन का जवाब नहीं देगी’’

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चेन्नई, 20 जुलाई (भाषा) तमिल फिल्म निर्देशक सुसी गणेशन ने बुधवार को मद्रास उच्च न्यायालय से कहा कि गीतकार एवं फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई के भाई द्वारा इस आशय को लेकर दी गयी ‘अंडरटेकिंग’ कानून की नजर में वैध नहीं है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनकी बहन, निर्देशक गणेशन के खिलाफ निचली अदालत में लंबित मानहानि के मुकदमे को आगे नहीं घसीटेगी।

मणिमेकलाई के खिलाफ मानहानि का मामला स्थानांतरित करने संबंधी याचिका की सुनवाई जैसे ही बुधवार को न्यायमूर्ति एन. सतीश कुमार के समक्ष शुरू हुई, गणेशन के वकील इलम बराती ने पीठ से कहा कि मणिमेकलाई ने टिप्पणी की है कि भारतीय न्यायिक प्रणाली में उसे भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा था कि भारत रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है और यह सब प्रदर्शित करता है कि मणिमेकलाई का न्यायपालिका में भरोसा नहीं है और वह इस अदालत द्वारा जारी समन का जवाब नहीं देगी।

वकील ने दलील दी कि पिछली सुनवाई को न्यायाधीश के निर्देशानुसार जब मणिमेकलाई को यह वचन (अंडरटेकिंग) देना था कि वह मानहानि के मामले को घसीटना नहीं चाहेंगी और निचली अदालत के साथ सहयोग करेंगी, तो यह अंडरटेकिंग मणिमेकलाई के भाई ने दी थी और यह कानूनी तौर पर स्वीकार्य नहीं है।

गणेशन के वकील ने दलील दी, ‘‘यद्यपि उच्चतम न्यायालय ने दिसम्बर 2021 में मजिस्ट्रेट अदालत को मानहानि मामले की सुनवाई चार माह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया था, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। मणिमेकलाई ने मजिस्ट्रेट पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए मामले को स्थानांतरित करने के वास्ते उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस प्रकार वह (मणिमेकलाई) मामले को घसीटते रहना चाहती हैं।’’

न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।

गणेशन ने ‘मीटू’ मामले में मणिमेकलाई के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया है और करीब 1.10 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है।

भाषा

सुरेश पवनेश

पवनेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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