कोलकाता, 19 जुलाई (भाषा) स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) नियंत्रित कोलकाता के प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय छात्र संघ ने मंगलवार को अधिकारियों से एक छात्रा से दुर्व्यवहार करने के आरोप में एक विषय के विभागाध्य को पद से हटाने की मांग की।
छात्र संघ ने यह भी मांग की कि प्रोफेसर को भविष्य में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा की किसी भी आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा बनने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
छात्र संघ के प्रवक्ता अद्रिजा करक ने छात्रा के प्रति समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हुए ”पीटीआई-भाषा” से कहा कि प्रोफेसर से उनके सभी प्रशासनिक अधिकार छीन लिए जाने चाहिए ताकि वह छात्रों के हितों को नुकसान न पहुंचा सकें।
विश्वविद्यालय के एक सूत्र ने बताया, स्नातक कला स्ट्रीम की छात्रा ने रविवार को संस्थान की आंतरिक आचरण समिति (आईसीसी) को एक मेल भेजा था,जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रोफेसर ने 2022 की शुरुआत में उसके साथ यौन संबंध बनाए थे।
छात्रों के एक वर्ग के अनुसार, महिला ने फेसबुक-मैसेंजर पर दोनों के बीच संवाद के दौरान प्रोफेसर द्वारा की गई कथित टिप्पणियों को भी पोस्ट किया था।
असत्यापित टिप्पणियों को उसके दोस्त के फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया गया था न कि उसके अपने अकाउंट पर क्योंकि छात्रा अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहती।
प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार देबज्योति कोनार ने पुष्टि की कि आईसीसी को शिकायत मिली है।
संपर्क किए जाने पर उन्होंने एक लिखित संदेश में कहा, ”समिति ने उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।”
संबंधित प्रोफेसर ने उनके द्वारा की गयी टिप्पणियों का जवाब पूछने के लिए किए गए फोन का जवाब नहीं दिया।
भाषा
फाल्गुनी नरेश
नरेश
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