नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए शुरू किए गए टीकाकरण अभियान में एक अहम उपलब्धि हासिल हुई है जहां लोगों को दी गईं खुराकों की संख्या रविवार को 200 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई।
इस संक्रमण से देश में अब तक 5.25 लाख से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि को गर्व का क्षण बताया। उन्होंने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने फिर से इतिहास रच दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने विज्ञान पर भरोसा दिखाया है और देश के चिकित्सकों, नर्सों, अग्रिम मोर्चे के कर्मियों और वैज्ञानिकों ने सुरक्षित पृथ्वी सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘मैं उनकी भावना और दृढ़ निश्चय की सराहना करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने फिर से इतिहास रच दिया। टीके की 200 करोड़ खुराक के विशेष आंकड़े को पार करने के लिए सभी भारतीयों को बधाई। भारत के टीकाकरण अभियान को व्यापक बनाने में अद्वितीय योगदान देने वालों पर गर्व है। इसने कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत किया है।’’
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने भी इस उपलब्धि के लिए देशवासियों को बधाई दी है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जन-भागीदारी की भावना से ओत-प्रोत भारत की टीकाकरण यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादायी नेतृत्व में सबके प्रयास के शक्तिशाली प्रतिमान के तौर पर उभरी है। यह असाधारण उपलब्धि इतिहास में जगह बनाएगी।’’
एक बजे तक प्राप्त एक रिपोर्ट के अनुसार अब तक देश में संक्रमण रोधी टीके की 2,00,00,15,631 खुराकें दी जा चुकी हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 98 प्रतिशत वयस्क आबादी को टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है, जबकि 90 प्रतिशत लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है।
आंकड़ों के अनुसार, 15-18 वर्ष के बीच के 82 प्रतिशत किशोरों को भी टीके की एक खुराक दी जा चुकी है जबकि 68 प्रतिशत किशोरों को दोनों खुराक दी जा चुकी हैं। इस आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान तीन जनवरी से शुरू हुआ था।
वर्ष 12-14 आयु वर्ग के 81 प्रतिशत किशोरों को टीके की एक खुराक मिल चुकी है तो वहीं 56 प्रतिशत का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है।
आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लक्षद्वीप, चंडीगढ़, तेलंगाना और गोवा में 12 वर्ष से अधिक की पूरी आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो गया है।
शीर्ष के पांच राज्यों जहां टीकों की सर्वाधिक खुराक दी गई हैं, उनमें उत्तर प्रदेश (34,41,93,641), महाराष्ट्र (17,05,59,447), पश्चिम बंगाल (14,40,33,794), बिहार (13,98,52,042) और मध्य प्रदेश (12,13,15,911) शामिल हैं।
सभी पात्र आबादी को कुल 5,63,67,888 एहतियाती खुराक दी गई हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने भारत को अपने लोगों को दो अरब से अधिक खुराक देने के लिए बधाई दी है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘यह महामारी के प्रभाव को कम करने की देश की प्रतिबद्धता और प्रयासों का एक और उदाहरण है। कोविड-19 टीका गंभीर रूप से बीमार पड़ने से बचाता है। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयास जारी रखने चाहिए कि सभी को हर जगह यह जान बचाने वाला टीका मिले….।’’
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने मानवता की सेवा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को उनकी कड़ी मेहनत, दूरदृष्टि और नवाचार के लिए धन्यवाद दिया।
देश में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 20,528 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,37,50,599 हो गई। इसके साथ ही देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1,43,449 हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से 49 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,25,709 हो गई है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि देशव्यापी अभियान चलाने के लिए क्षमता निर्माण के वास्ते अनेक व्यवस्थित कदम उठाए गए।
बयान में कहा गया कि टीकों के भंडारण और परिवहन के लिए मौजूदा आपूर्ति श्रृंखला का लाभ उठाया गया और इसे मजबूत किया गया। इसके साथ ही हर वक्त टीका वितरण की प्रभावी निगरानी, टीकों की उपलब्धता और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया गया।
भाषा
शोभना नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
