हरिद्वार,13 जुलाई (भाषा) तीर्थनगरी हरिद्वार में गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया एवं इस मौके पर हर की पौड़ी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। साथ ही विभिन्न आश्रमों एवं अखाड़ों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल दिखाई दी।
कोरोना वायरस महामारी के चलते दो साल तक पाबंदियों के बाद इस बार गुरु पूर्णिमा पर विभिन्न अखाड़ों एवं आश्रमों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी और गुरु पर्व को लेकर लोगों में भारी उत्साह नजर आया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हर की पौड़ी पर हजारों लोगो ने गंगा स्नान किया।
तीर्थ नगरी के विभिन्न आश्रमों में श्रद्धालुओं ने अपने गुरु का वंदन- पूजन किया। सुबह से ही यहां के सभी आश्रमों में भजन सत्संग शुरू हो गया था।
पुराणों के अनुसार आषाढ़ मास कि पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही 18 पुराणों एवं महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने एक वक्तव्य में कहा कि सनातन परंपरा में यह दिन गुरु पूजा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि पुरातन काल में इस दिन शिष्य अपने गुरु की पूजा करते थे और यह दिन विद्यारंभ करने के लिए भी पावन दिन माना जाता है तथा शिष्य अपनी दीक्षा पूरी करके गुरु को गुरु दक्षिणा देता है।
महामंडलेश्वर रामेश्वरानन्द ब्रह्मचारी ने ‘‘ भाषा’’ को बताया कि गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु के प्रति कृतज्ञता और समर्पण दिखाने का दिवस है।
भाषा सं अमित माधव
माधव
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