तिरुवनंतपुरम, पांच जुलाई (भाषा) केरल में विपक्षी दल कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने कोझिकोड जिले के आबादी वाले तटीय इलाके अविक्कल थोडु में सीवेज शोधन संयंत्र लगाने की योजना, स्थानीय निवासियों द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बावजूद इसे नजरअंदाज करने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस के हमले को लेकर मंगलवार को राज्य विधानसभा में सरकार पर हमला बोला।
मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि वे राज्य सरकार के ठोस अपशिष्ट शोधन कार्यक्रमों को पूरा समर्थन देते हैं, लेकिन वे एक नहर के पास प्रस्तावित संयंत्र को स्वीकार नहीं कर सकते, जहां हजारों लोग रहते हैं।
शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए यूडीएफ सदस्यों ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या मौजूदा प्रदर्शनों की अनदेखी कर इस तरह के संयंत्र को आबादी वाले इलाके में लगाया जाना ‘‘व्यावहारिक’’ है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संयंत्र न केवल तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा बल्कि पर्यावरण के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा करेगा। उन्होंने अधिकारियों पर संयंत्र के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को ‘‘आतंकवादी’’ के रूप में दुष्प्रचारित करने का आरोप लगाया।
सदन से बहिर्गमन करने से पहले यूडीएफ ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘‘क्रूर हमले’’ करने का भी आरोप लगाया और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करने, गंभीर आरोप लगाने के लिए पुलिस की आलोचना की।
विपक्ष द्वारा दिए गए स्थगन प्रस्ताव के नोटिस का जवाब देते हुए स्थानीय स्वशासन मंत्री एम. वी. गोविंदन ने उनके तर्कों को खारिज कर दिया और कहा कि ठोस कचरे के शोधन के लिए केंद्रीकृत संयंत्र आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि इसी तरह के अपशिष्ट शोधन संयंत्र मॉडल कई अन्य स्थानों पर भी सफलतापूर्वक लागू किए गए हैं और वहां के स्थानीय लोगों ने इसके खिलाफ कोई आपत्ति नहीं जताई है।
गोविंदन ने आरोप लगाया कि परियोजना के खिलाफ अविक्कल थोडू के लोगों को गुमराह करने के पीछे ‘‘आतंकवादी प्रकृति’’ वाले कुछ संगठन हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र की अमृत योजना के तहत कोझीकोड निगम द्वारा कार्यान्वित की जा रही 60 करोड़ रुपये की लागत वाली केरल परियोजना को 31 मार्च, 2023 से पहले पूरा करना होगा अन्यथा राशि इस्तेमाल नहीं की जा सकेगी।
गोविंदन के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।
भाषा सुरभि मनीषा
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