मुंबई, पांच जुलाई (भाषा) भारतीय बंदरगाहों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में देश की स्थिति को मजबूत करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) वाली परियोजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।
बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाइक ने मंगलवार को यह बात कही।
उन्होंने यहां समुद्री सार्वजनिक-निजी भागीदारी सम्मेलन-2022 को संबोधित करते हुए कहा कि निजी कंपनियों को शामिल करने से बंदरगाह क्षेत्र की दक्षता में सुधार हुआ है और आय वृद्धि में मदद मिली है।
इस सम्मेलन का आयोजन प्रमुख बंदरगाहों में पीपीपी निवेश के 25 वर्ष पूरे होने पर जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) और मुंबई बंदरगाह प्राधिकरण (एमबीपीए) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘पीपीपी माध्यम बुनियादी ढांचे के विकास का सही तरीका बन गया है। जब हम इन 25 वर्षों के फलदायी उत्सव का जश्न मना रहे हैं, तो हमें एक सहायक वातावरण तैयार करके भविष्य के पीपीपी ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत है।’’
नाइक ने कहा कि जब 1997 में बंदरगाह के निजीकरण कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई गई, तो विदेशी निवेश सहित बंदरगाह क्षेत्र में नया निवेश देखा गया।
उन्होंने कहा, ‘‘पीपीपी परियोजनाएं भारतीय बंदरगाहों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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