मोरीगांव (असम), चार जुलाई (भाषा) मणिपुर में भूस्खलन की घटना में जान गंवाने वाले असम के निवासियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि राज्य के 12 लोग अब भी लापता हैं।
राज्य सरकार ने पड़ोसी मणिपुर में नोने जिले में तुपुल रेलवे यार्ड निर्माण स्थल पर मौजूद असम के 26 लोगों की सूची बनाई है। निर्माण स्थल पर 29 जून को भूस्खलन हो गया था।
अबतक 42 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि 20 लोग अब भी लापता हैं। घटनास्थल से 18 लोगों को जीवित निकाल लिया गया था।
असम सरकार के प्रवक्ता पीजूष हज़ारिका ने मणिपुर से लौटने के बाद यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ हमारे पास राज्य के उन 26 लोगों की सूची है, जो उस वक्त स्थल पर मौजूद थे। उनमें से एक सेना का जवान और एक रेलवे इंजीनियर था, जबकि शेष निर्माण कंपनी के कर्मचारी थे।”
राज्य के कैबिनेट मंत्री खोज एवं बचाव अभियान की निगरानी करने के लिए शनिवार से पड़ोसी राज्य में डेरा डाले हुए थे।
इस बीच, घटना में बचाए गए असम के पांच कर्मी आज सुबह हज़ारिका के साथ गृह राज्य लौट आए और उन्हें प्रशासन मोरीगांव जिले में उनके घर भेजा रहा है।
हज़ारिका ने कहा कि मलबे से रविवार को निकाले गए मजदूर के शव को अभी राज्य वापस नहीं लाया जा सका, जबकि घटना में जान गंवाने वाले अन्य लोगों के शव राज्य में उनके मूल स्थान पहुंच चुके हैं और उनका अंतिम संस्कार किया जा चुका है।
मंत्री ने कहा, “ हमारी जानकारी के मुताबिक, अब तक राज्य के 12 लोग लापता हैं। दुर्घटनास्थल पर खोज एवं बचाव अभियान में विभिन्न एजेंसियां लगी हैं।”
वहीं, मोरीगांव के उपायुक्त पीआर घरफलिया ने बताया कि जिले के छह मृतकों के शव कुशतोली पहुंच चुके हैं। वे इसी इलाके के रहने वाले थे।
उन्होंने कहा, “ आज सुबह दो शव पहुंचे और कुछ देर बाद ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। रविवार को चार शव आए थे और शाम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।”
भाषा नोमान दिलीप
दिलीप
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
