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Saturday, 14 March, 2026
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औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलने से महाराष्ट्र गौरव पुनर्जीवित हुआ: शिवसेना

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मुंबई, एक जुलाई (भाषा) शिवसेना ने कहा है कि औरंगाबाद एवं उस्मानाबाद के नाम परिवर्तन ने महाराष्ट्र के गौरव पुनर्जीवित किया है।

बृहस्पतिवार को पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि नवी मुंबई हवाई अड्डे का नाम बदलकर डी बी पाटिल हवाई अड्डा कर उद्धव ठाकरे नीत (पिछली) सरकार ने माटी के लालों के संघर्ष को सम्मानित किया है। पाटिल ने नवी मुंबई में परियोजना प्रभावित लोगों के अधिकारों के लिए काम किया।

ठाकरे की अगुवाई में मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक में लिये गये फैसलों में औरंगाबाद और उस्मानाबाद जिलों का नाम बदलकर क्रमश: संभाजीनगर और धाराशिव कर दिया गया।

भाजपा औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजी के नाम पर संभाजीनगर करने की मांग पर शिवसेना को घेरती रही थी। छत्रपति संभाजी भारतीय इतिहास में ध्रुवीकरण करने वाली हस्ती है जिनकी मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर हत्या कर दी गयी थी।

शिवसेना ने कहा, ‘‘ औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव करने का फैसला उन शहीदों का सम्मान करने जैसा है जिन्होंने मराठवाड़ा को मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। ’’

उसने कहा कि मराठवाड़ा क्षेत्र जिस तरह औरंगजेब के शासन में उत्पीड़न से गुजरा उसी तरह वह निजाम के कुशासन का भुक्तभोगी रहा।

महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र हैदराबाद के निजाम के शासन में था। इस क्षेत्र के लोग निजाम के अधीन रजाकारों के उत्पीड़न के शिकार हुए।

औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलने के फैसले पर एआईएमआईएम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

शिवसेना ने कहा , ‘‘संभाजीनगर और धाराशिव एवं डी बी पाटिल (हवाई अड्डा) के बारे में फैसले से महाराष्ट्र का गौरव पुनर्जीवित हुआ है।’’ उसने कहा कि इस मामले पर अबतक सरकार पर प्रहार कर रहे विरोधी अब क्या कहेंगे।

भाषा राजकुमार प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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