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Saturday, 14 March, 2026
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बोम्मई ने किफायती इलेक्ट्रिक वाहन पर ध्यान केंद्रित करने पर दिया जोर

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बेंगलुरू, एक जुलाई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शुक्रवार को ऑटोमोबाइल निर्माताओं से इसका उपयोग बढ़ाने के लिए किफायती इलेक्ट्रिक वाहन बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने बेंगलुरू विद्युत आपूर्ति कंपनी (बेस्कॉम) द्वारा आयोजित 152 ईवी चार्जिंग स्टेशन और ‘ईवी अभियान 2022’ का उद्घाटन करने के बाद दर्शकों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लागत आम आदमी के लिए सस्ती होनी चाहिए। तभी इसके उपयोग में वृद्धि देखी जा सकती है। निर्माताओं को इस पहलू पर अधिक ध्यान देना चाहिए।’’

बोम्मई ने कहा कि राज्य सरकार अपनी नयी ईवी नीति लेकर आयी है, जिसने सार्वजनिक स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए बेसकॉम को नोडल एजेंसी बनाया है। उन्होंने कहा कि बैटरी की अदला-बदली इलेक्ट्रिक वाहनों का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है और आने वाले दिनों में इसे महत्व दिया जाएगा।

अक्षय ऊर्जा स्रोतों के दोहन की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन कम हो रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने यह कहते हुए कि ईवी जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों की कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बोम्मई ने कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बड़ी संख्या में सड़कों पर आ रहे हैं और जल्द ही इलेक्ट्रिक कार, बस और यहां तक ​​कि मल्टी-एक्सल ट्रक भी बाजार में आएंगे।

बोम्मई ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएमटीसी) में और अधिक ईवी बसों को शामिल करने का फैसला किया है।’’

जीवाश्म ईंधन की जगह लेने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों में और अधिक शोध पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक देश में सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा उत्पादक है।

ईंधन के रूप में हाइड्रोजन के बारे में बोम्मई ने कहा कि उनकी सरकार ने हाइड्रोजन ईंधन के उत्पादन के लिए दो कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं क्योंकि इसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों में सर्वश्रेष्ठ के रूप में देखा जाता है।

उन्होंने सभा को यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नीति लाये हैं जिसमें जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करने की समग्र योजना के हिस्से के रूप में तेल में इथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। बोम्मई ने कहा कि इन पहलों से आने वाले वर्षों में हमारे तेल के आयात में काफी कमी आएगी।

बोम्मई ने कहा कि इसी तरह समुद्र के पानी से अमोनिया के उत्पादन के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। बोम्मई ने कहा कि डायमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) उर्वरकों के उत्पादन में अमोनिया का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।

भाषा अमित नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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