मुंबई, 27 जून (भाषा) कोविड-19 महामारी के दौरान 25 प्रतिशत (एक-चौथाई) सूक्ष्म, लघु और मझोले (एमएसएमई) उपक्रमों ने अपनी तीन प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी बड़ी कंपनियों से गंवाई है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के शोध विभाग ने 47 लाख करोड़ रुपये के राजस्व वाले 69 क्षेत्रों और 147 क्लस्टर के एमएसएमई के विश्लेषण के बाद यह रिपोर्ट जारी की है। यह राशि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 25 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘कोविड-19 महामारी के कारण एक-चौथाई से अधिक सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों की बाजार हिस्सेदारी तीन प्रतिशत से अधिक घट गई।’’
इसके अलावा एमएसएमई क्षेत्र की आधी कंपनियों को बाजार में हिस्सेदारी के साथ अपने परिचालन लाभ में कमी का सामना करना पड़ रहा है।
क्रिसिल के निदेशक पूषन शर्मा ने कहा, ‘‘बड़ी स्तर की कंपनियों ने अपनी वैश्विक उपस्थिति का लाभ उठाते हुए कच्चा माल जुटा लिया और सूक्ष्म, लघु और मझोले स्तर के कारोबारियों का एक बड़ा हिस्सा हासिल कर लिया।’’
शर्मा ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में बाधा के कारण कीटनाशक बनाने वाली छोटी कंपनियों पर असर पड़ा।
वहीं, महामारी के दौरान स्वच्छता को ध्यान रखते हुए लोगों ने खुले तेल की खरीदारी कम की, जिससे खाद्य तेलों की छोटी और मध्यम स्तर की कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी कम हो गई।
भाषा जतिन अजय
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