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Wednesday, 4 March, 2026
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त्रिपुरा उपचुनाव : अभिषेक बनर्जी ने मतदाताओं से भाजपा विरोधी वोटों में विभाजन रोकने की अपील की

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अगरतला, 20 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को यहां मतदाताओं से अपील की कि वे त्रिपुरा में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी को वोटकर देकर भाजपा विरोधी मतों का विभाजन रोकें।

बनर्जी ने कहा कि उपचुनाव में कांग्रेस और माकपा को वोट देने का मतलब “अपने मत को बर्बाद” करना है।

तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव 23 जून को त्रिपुरा की चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के वास्ते अगरतला में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार, त्रिपुरा में सबसे अधिक 18 प्रतिशत बेरोजगारी दर है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में राजनीतिक हिंसा की सबसे अधिक घटनाएं भी इसी राज्य में दर्ज की जाती हैं।

बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, “अगर यही स्थिति बनी रही तो बेरोजगारी की समस्या का समाधान कभी नहीं होगा और त्रिपुरा में कोई निवेश नहीं आएगा।”

उन्होंने कहा, “अगर आप बदलाव लाना चाहते हैं तो आपको आगामी उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस को वोट देना चाहिए। आपको माकपा और कांग्रेस को वोट देने से बचना चाहिए, क्योंकि उनके पक्ष में मत डालने का मतलब अपने लोकतांत्रिक अधिकार को जाया करना होगा।”

लोकसभा सांसद ने कहा कि भाजपा को भले ही 40 फीसदी वोट मिले जाएं, लेकिन बाकी 60 प्रतिशत मत विपक्ष के खाते में जाएंगे।

तृणमूल महासचिव ने कहा, “अगर यह 60 प्रतिशत भाजपा विरोधी वोट विपक्ष में विभाजित हो जाता है तो इसके कोई मायने नहीं होंगे। इसलिए, मैं सभी से तृणमूल को वोट देने की अपील करता हूं।”

बनर्जी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उपचुनाव से पहले मतदाताओं को डराने के लिए ‘आतंकी हथकंडे’ अपना लिए हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे दो उम्मीदवारों पन्ना देब (अगरतला) और संहिता भट्टाचार्य (टाउन बारदोवाली) पर भाजपा के गुंडों ने हमला किया था। त्रिपुरा में लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया है।”

बनर्जी ने कहा, “मैं मतदाताओं से निडर होकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने का आग्रह करता हूं। उपचुनाव भाजपा और तृणमूल या अन्य दलों के बीच की लड़ाई नहीं है। यह सरकार और जनता के बीच की लड़ाई है।”

चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में मुख्यमंत्री माणिक साहा सहित कम से कम 22 उम्मीदवार मैदान में हैं।

भाषा नोमान पारुल

पारुल

पारुल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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