scorecardresearch
Tuesday, 28 April, 2026
होमदेशअहम विधेयकों को संसद में पेश करने से पहले अंतर राज्य परिषद के समक्ष रखा जाए : स्टालिन

अहम विधेयकों को संसद में पेश करने से पहले अंतर राज्य परिषद के समक्ष रखा जाए : स्टालिन

Text Size:

चेन्नई, 16 जून (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रीय महत्व के विधेयकों को संसद में पेश करने से पहले अंतर राज्य परिषद के सामने रखने की व्यवस्था करने की अपील की।

मोदी को लिखे पत्र में स्टालिन ने अनुरोध किया कि अंतर राज्य परिषद की हर साल कम से कम तीन बैठक हो और उन्होंने परिषद के पुनर्गठन को लेकर अपनी खुशी का इजहार किया।

स्टालिन ने अपने पत्र में कहा, ‘‘ मेरा सुझाव है कि राष्ट्रीय महत्व के प्रत्येक विधेयक को जो संभवत: एक या कई राज्यों को प्रभावित करते हैं उन्हें संसद में पेश करने से पहले परिषद में रखा जाना चाहिए और उक्त विधेयक पर परिषद के विचार को भी संसद के पटल पर रखना चाहिए।’’

उन्होंने अनुरोध किया कि अगली बैठक के एजेंडे में ऐसे मामलों को शामिल किया जा सकता है क्योंकि इस तरह की चर्चा से सहकारी संघवाद की भावना मजबूत होगी।’’

स्टालिन ने कहा कि ऐसे मंचों के बिना केंद्र और राज्यों के बीच आपसी हितों के मुद्दों पर प्रभावी और परस्पर संवाद की संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने ऐसे कई मौके देखें जब राज्यों के हितों और अधिकारों को प्रभावित करने वाले कई विधेयकों को संसद में विपक्ष को उसके गुण और राज्यों की चिंता को लेकर बहस का मौका दिए बिना पारित किया गया।’’

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के तौर पर फैसला लेने की प्रक्रिया में केंद्र द्वारा राज्यों के परिणाम, विचार, चिंताओं और सकरात्मक सुझावों को उचित तौर पर नहीं सुना जाता है।

गौरतलब है कि स्थायी अंतर राज्य परिषद की स्थापना वर्ष1990 में केंद्र द्वारा की गई। इसके नियमों के तहत साल में तीन बार परिषद की बैठक होनी चाहिए ‘‘लेकिन गत छह साल में इसकी एक ही बैठक 16 जुलाई 2016 को नयी दिल्ली में हुई।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments