scorecardresearch
Sunday, 29 March, 2026
होमदेशरास चुनाव : हरियाणा से भाजपा के कृष्ण लाल पंवार, निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा जीते, अजय माकन हारे

रास चुनाव : हरियाणा से भाजपा के कृष्ण लाल पंवार, निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा जीते, अजय माकन हारे

Text Size:

चंडीगढ़, 11 जून (भाषा) कांग्रेस को झटका देते हुए भाजपा के कृष्ण लाल पंवार और पार्टी के समर्थन वाले निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों पर जीत दर्ज की। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार देर रात दोनों की जीत की घोषणा की।

चुनाव नियमों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर मतगणना सात घंटे से अधिक देरी से शुरू हुई और देर रात दो बजे नतीजों की घोषणा की गई।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन को पर्याप्त वोट नहीं मिले। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि उसके एक विधायक ने ‘क्रॉस-वोटिंग’ की, जबकि एक अन्य विधायक के वोट को अमान्य घोषित कर दिया गया।

निर्वाचन अधिकारी आरके नंदल ने बताया कि पंवार को 36 वोट मिले, जबकि शर्मा के खाते में प्रथम वरीयता के 23 मत गए और 6.6 वोट भाजपा से स्थानांतरित होकर आए, जिससे उनके मतों की कुल संख्या 29.6 हो गई।

कांटे की टक्कर वाले इस मुकाबले में माकन को 29 वोट हासिल हुए, लेकिन दूसरी वरीयता का कोई वोट न होने के कारण वह हार गए।

भाजपा सदस्यों द्वारा दिए गए वोटों का मूल्य 3,600 था, जिससे पहली सीट पंवार के लिए सुरक्षित हो गई। वहीं, शर्मा ने 2,960 वोट मूल्य के साथ दूसरी सीट जीत ली, जिसमें दूसरी वरीयता के मतों के तौर पर भाजपा उम्मीदवार से स्थानांतरित 660 वोट मूल्य शामिल है। कांग्रेस सदस्यों के वोटों का मूल्य 2,900 था।

कांग्रेस विधायक और पार्टी के अधिकृत मतदान एजेंट बीबी बत्रा ने बताया कि पार्टी के कुलदीप बिश्नोई ने मीडिया कारोबारी शर्मा के लिए ‘क्रॉस वोटिंग’ की, जबकि एक अन्य विधायक के वोट को अमान्य घोषित कर दिया गया। निर्दलीय उम्मीदवार शर्मा को भाजपा और उसके सहयोगी दल जजपा का समर्थन हासिल था।

दोनों उम्मीदवारों को देर रात करीब साढ़े तीन बजे विजेता प्रमाणपत्र दिए गए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें बधाई दी।

खट्टर ने शनिवार तड़के चार बजे विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘मैं उन सभी विधायकों का आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने भाजपा उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार के लिए वोट किया। यह एक तरह से हरियाणा के लोगों और लोकतंत्र की जीत है।’’

वहीं, कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई के शर्मा के लिए मतदान करने के सवाल पर खट्टर ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनते हुए मतदान किया। मैं कह सकता हूं कि उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों और उपलब्धियों से प्रभावित होकर वोट दिया होगा। उन्होंने इसकी परवाह नहीं की कि कांग्रेस क्या कार्रवाई करेगी…। मैं उन्हें बधाई देता हूं।’’

यह पूछने पर कि क्या भाजपा के दरवाजे उनके लिए खुले हैं, इस पर खट्टर ने कहा, ‘‘अगर वह शामिल होते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। हुड्डा साहब का भी स्वागत है।’’

दोबारा मतणगना होने की खबरों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पुन: मतगणना की मांग की थी और भाजपा व जजपा ने इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को लगा कि उसे 30 वोट मिले हैं।’’

खट्टर ने कहा कि बिश्नोई ने कांग्रेस उम्मीदवार के लिए वोट नहीं किया, जबकि पार्टी के प्रत्याशी का एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया। हरियाणा में कांग्रेस के 31 विधायक हैं।

कार्तिकेय शर्मा के पिता बिनोद शर्मा ने कहा, ‘‘मुझे कार्तिकेय की जीत का भरोसा था। मैं खुश हूं कि वह जीत गया है।’’ बिनोद शर्मा भी पूर्व कांग्रेस नेता रहे हैं।

ये चुनाव नतीजे कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए भी झटका हैं, क्योंकि पार्टी ने हाल ही में कुमारी शैलजा को अपनी प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पद से हटाकर हुड्डा के वफादार उदय भान को नियुक्त किया था।

भाजपा और शर्मा ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था और दो कांग्रेस विधायकों किरण चौधरी व बीबी बत्रा के वोटों को अमान्य घोषित करने की मांग की थी, क्योंकि उन्होंने अपने मतपत्र अनधिकृत लोगों को दिखाए थे। इसके कारण मतगणना रोक दी गई थी।

दिल्ली में निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि इस मांग को खारिज कर दिया गया।

कांग्रेस ने भी निर्वाचन आयोग का रुख करते हुए भाजपा पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश का आरोप लगाया और तत्काल नतीजों की घोषणा की मांग की।

हरियाणा में कुल 90 विधायकों में से 89 ने वोट दिए, जबकि निर्दलीय विधायक बलराज कुंडु मतदान से दूर रहे। 40 विधायकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास जीत के लिए आवश्यक 31 प्रथम वरीयता मतों से नौ अधिक मत थे।

कांग्रेस ने चुनाव से पहले विधायकों की खरीद-फरोख्त के डर से उन्हें एक सप्ताह रायपुर के एक रिजॉर्ट में ठहराया था।

भाषा गोला पारुल

पारुल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments