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Monday, 16 March, 2026
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बैंकरों ने मुद्रास्फीति को काबू में करने लिए रेपो दर बढ़ाने के फैसले को सराहा

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मुंबई, आठ जून (भाषा) बैंकरों ने मुदास्फीति को काबू में करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रेपो दर में वृद्धि के फैसले की सरहाना की है।

आरबीआई ने बढ़ती महंगाई को काबू में लाने के लिये बुधवार को प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 4.9 प्रतिशत कर दिया।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अध्यक्ष दिनेश खारा ने कहा कि नीतिगत दरों में वृद्धि बढ़ती अनिश्चितताओं का एक व्यापक आकलन है। यह कदम मुद्रास्फीति के खतरों को टालने के लिए सरकार और उसकी कार्रवाई की पुष्टि भी करता है।

देश के सबसे बड़े बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि रुपे क्रेडिट कार्ड को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से जोड़ने से वित्तीय समावेशन के साथ ग्राहकों को सुविधा मिलेगी।

भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के चेयरमैन एवं पंजाब नेशनल बैंक के प्रमुख एके गोयल ने कहा कि बढ़ती मुद्रास्फीति को देखते हुए रेपो दर में वृद्धि उम्मीद के अनुरूप है।

मुद्रास्फीति को प्रमुख चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी तिमाहियों के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान पांच प्रतिशत से ऊपर हैं। इसलिए कीमतों में स्थिरता बनाए रखना सबसे जरुरी है।

बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अतनु कुमार दास ने कहा कि आरबीआई की तरफ से नीतिगत दरों में वृद्धि कीमतों में स्थिरता और विकास के बीच केंद्रीय बैंक के निरंतर ध्यान को दर्शाता है।

सिटी इंडिया के सीईओ आशु खुल्लर ने कहा कि कीमतों कों नियंत्रित करने की केंद्रीय बैंक की निरंतर प्रतिबद्धता से देश को वैश्विक परिस्थितियों का सामना करने में मदद मिलेगी।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की सीईओ जरीन दारूवाला ने कहा कि नीतिगत दरों में बढ़ोतरी पर मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का सर्वसम्मति से फैसला……मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के उसके संकल्प का स्पष्ट संकेत है।

उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ना एक अच्छा कदम है। इससे क्रेडिट कार्ड से लेनदेन की लागत कम होने और स्वीकार्यता बढ़ने की संभावना है।

इस बीच, एसबीआई के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्यकांति घोष ने कहा कि रेपो दर के अगस्त तक 5.5 से 5.75 प्रतिशत के बीच पहुंचने की संभावना है, जो महामारी-पूर्व स्तर (5.15 प्रतिशत) से काफी अधिक है।

भाषा जतिन पाण्डेय

पाण्डेय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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