मुंबई, आठ जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को क्रेडिट कार्ड को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से जोड़ने की अनुमति दी। इस सुविधा से अधिक संख्या में लोग यूपीआई के जरिये भुगतान कर सकेंगे।
फिलहाल यूपीआई उपयोगकर्ता के डेबिट कार्ड के जरिये बचत या चालू खातों को जोड़कर भुगतान को सुगम बनाता है।
वहीं, वर्तमान व्यवस्था में यूपीआई के जरिए भुगतान करने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। जबकि क्रेडिट कार्ड़ कंपनियां ऑनलाइन भुगतान के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) पर निर्भर होती है, जो हर एक भुगतान पर कुछ न कुछ शुल्क लेते है।
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘‘…क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ने का प्रस्ताव है।’’
उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत आरबीआई प्रवर्तित भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा जारी रूपे क्रेडिट कार्ड से होगी। प्रणाली के विकास के साथ सुविधा उपलब्ध होगी।
दास ने कहा कि नई व्यवस्था से ग्राहकों को यूपीआई मंच के माध्यम से भुगतान करने के लिये अधिक विकल्प और सुविधा मिलने की उम्मीद है।
यूपीआई देश में भुगतान का लोकप्रिय माध्यम बन गया है। इस मंच से करीब 26 करोड़ उपयोगकर्ता और पांच करोड़ कारोबारी जुड़े हैं।
दास ने कहा कि मई महीने में इस मंच के जरिये 10.40 लाख करोड़ रुपये के 594.63 करोड़ लेन-देन हुए।
इसके अलावा आरबीआई के डिप्टी गवर्नर टी रबी शंकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ने का मूल उद्देश्य ग्राहक को भुगतान करने के अधिक विकल्प प्रदान करना है। वर्तमान में यूपीआई को डेबिट कार्ड, जमा और चालू खातों के जरिये ही जोड़ा जा सकता है।’’
उद्योग की कंपनियों ने भी आरबीआई के इस कदम का स्वागत किया है। उद्योग निकाय भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के चेयरमैन एके गोयल ने कहा कि यह सुविधा ग्राहकों को सहूलियत के साथ डिजीकरण को बढ़ावा देगी।
भाषा जतिन पाण्डेय
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