नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को कहा कि ऑनलाइन अपराधों के लिए पहचान छुपाने के खिलाफ सरकार की नीति सख्त है और ऐसे मामलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने ‘वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क’ (वीपीएन) सेवा प्रदान करने वाली कुछ कंपनियों के नए साइबर सुरक्षा नियमों के बाद भारत से सर्वर हटाने संबंधी एक सवाल के जवाब में यह बात कही।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने क्लाउड सेवा, वीपीएन, डेटा केंद्र और वर्चुअल प्राइवेट सर्वर प्रदाताओं के लिए कम से कम पांच साल तक उपयोगकर्ताओं के डेटा रखरखाव को अनिवार्य कर दिया है।
सरकार के इस निर्णय के बाद ऐसे खबरें आई थीं कि एक्सप्रेस वीपीएन ने भारत से अपने सर्वर को हटा लिया है। नए साइबर सुरक्षा नियमों को पेश करने के बाद ऐसा करने वाली वह पहली कंपनी है।
चंद्रशेखर ने कहा कि कुछ कंपनियां मानती हैं कि पहचान छुपाना उनके विपणन की विशेष रणनीति है।
उन्होंने कहा, ‘‘कंपनियां हमें डेटा न दें। हमें कोई डेटा चाहिए भी नहीं। लेकिन जब कुछ गैरकानूनी रूप से किया गया हो, तब आपको निश्चित तौर पर ऐसी स्थिति में होना चाहिए कि आप अपराध करने वाली की जानकारी और डेटा मुहैया करा सकें।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ऑनलाइन अपराध के लिए पहचान छुपाने के खिलाफ हम सख्त नीति रख रहे हैं।’’
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