नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि किसी भी खाद्य पदार्थ के बारे में यह बताना जरूरी है कि वह मांसाहारी है या शाकाहारी।
एफएसएसएआई ने कहा कि खाद्य पदार्थ में उपयोग किए गए घटक का प्रतिशत चाहे जितना हो, मांसाहारी भोजन के प्रत्येक पैकेज पर इस बारे में बताने वाला एक प्रतीक और रंग कोड होना चाहिए।
खाद्य उत्पादों पर लेबल लगाने से संबंधित एक याचिका के जवाब में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बताया कि उसने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों और केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरणों को इस बारे में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किए हैं।
नियामक संस्था ने कहा कि इस बारे में एक अधिसूचना भी जारी की गई और इसे देशभर के 68 समाचार पत्रों में और 26 भाषाओं में प्रकाशित भी किया गया, ताकि जनता को इस बारे में जानकारी मिल सके।
एफएसएसएआई ने आगे कहा कि ‘‘शाकाहारी या मांसाहारी की घोषणा’’ के संबंध में पांच अप्रैल को एक आदेश भी पारित किया गया था।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
