scorecardresearch
Friday, 1 May, 2026
होमदेशकांग्रेस, जद(एस) के बीच चुनावों के लिए कोई गठबंधन नहीं : सिद्धरमैया

कांग्रेस, जद(एस) के बीच चुनावों के लिए कोई गठबंधन नहीं : सिद्धरमैया

Text Size:

कारवार (कर्नाटक), 26 मई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट कहा कि राज्यसभा चुनाव या 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी का जनता दल (सेकुलर) के साथ कोई ‘राजनीतिक संबंध’ नहीं बनेगा।

गौरतलब है कि कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होना है और तीनों बड़े दलों (कांग्रेस, भाजपा और जदएस) में से किसी के पास चौथी सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है। ऐसे में सिद्धरमैया का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय राजनीति में कदम नहीं रखेंगे और अपना राजनीतिक करियर राज्य में ही सीमित रखेंगे।

एक सवाल के जवाब में सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘जद(एस) के साथ कोई संबंध (गठबंधन या सहमति) नहीं होगा… हम (कांग्रेस) जद(एस) के साथ कोई राजनीतिक संबंध नहीं जोड़ेंगे, चुनावों के दौरान कोई संबंध नहीं होगा और ना ही कोई अन्य राजनीतिक संबंध होगा।’’

कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान 10 जून को होना है। मौजूदा सांसदों निर्मला सीतारमण (केन्द्रीय वित्त मंत्री, भाजपा) और केसी राममूर्ति (भाजपा), जयराम रमेश (कांग्रेस) दिवंगत ऑस्कर फर्नाडिज (कांग्रेस) का कार्यकाल 30 जून को समाप्त होना है। चुनाव के लिए नामांकन पत्र 31 मई तक भरा जा सकेगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 45 वोटों की जरूरत होगी और विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा दो जबकि कांग्रेस एक सीट जीत सकती है। सूत्रों ने बताया कि जद(एस) भी एक सीट सकती है लेकिन इसके लिए उसे भाजपा या कांग्रेस का साथ चाहिए होगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे ही अगर कांग्रेस या भाजपा और एक सीट (चौथी सीट) जीतना चाहते हैं तो उन्हें जद(एस) का समर्थन चाहिए होगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस फिर से जयराम रमेश को अपना उम्मीदवार बना सकती है।

एक सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि वह कर्नाटक में ही रहेंगे और राष्ट्रीय राजनीति में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कर्नाटक की राजनीति में ही रहूंगा और राज्य तथा उसकी जनता के लिए आवाज उठाता रहूंगा।’’

गौरतलब है कि इससे पहले सिद्धरमैया ने कहा था कि 2023 का विधानसभा उनका अंतिम चुनाव होगा, हालांकि वह राजनीति में बने रहेंगे।

भाषा अर्पणा नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments