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Tuesday, 10 March, 2026
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खनिज ब्लॉक की खोज के लिए वन विभाग की मंजूरी की जरूरत को खत्म करने पर विचार

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नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) खनन मंत्रालय ने खनिज ब्लॉक की खोज के लिए वन विभाग की मंजूरी लेने की जरूरत को समाप्त करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम से अधिक खदानों की नीलामी का रास्ता साफ हो सकेगा और देश का खनिज उत्पादन भी बढ़ेगा।

इसके लिए खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) अधिनियम (एमएमडीआर कानून) में संशोधन करना होगा और मंत्रालय ने प्रस्तावित बदलावों पर हितधारकों से राय मांगी है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसके लिए एमएमडीआर कानून में एक प्रावधान जोड़ा जा सकता है जिससे कि एमएमडीआर कानून के तहत दी गई अवधि के भीतर वन भूमि में टोही या संभावित अभियान पूर्व सर्वेक्षण को वन संरक्षण कानून, 1980 के तहत गैर-वन उद्देश्य के लिए किया गया वन भूमि परिवर्तन नहीं माना जाए।’’

खनिज संभावना का पता लगाने का परमिट (आरपी) प्रारंभिक जांच-पड़ताल, क्षेत्रीय, हवाई, भूभौतिकीय या भू-रासायनिक सर्वेक्षण और भूवैज्ञानिक मानचित्रण के लिए दिया जाता है। वहीं संभाव्य लाइसेंस (पीएल) खनन के लिहाज से इस तरह की खोजबीन के लिए दिया जाता है।

मंत्रालय ने कहा कि अधिक ब्लॉक की नीलामी के लिए और खनिज उत्पादन बढ़ाने के लिए अधिक खोज की जरूरत है।

नीति आयोग की एक उच्चस्तरीय समिति ने पहले कहा था कि खोज के लिए वन विभाग की मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

भाषा

चामानसी अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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